{"_id":"5b65ef314f1c1be2588b500c","slug":"71533407025-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"औचक निरीक्षण से किया जाएगा प्राइवेट अस्पतालों का भौतिक सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औचक निरीक्षण से किया जाएगा प्राइवेट अस्पतालों का भौतिक सत्यापन
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी अस्पतालों पर कसेगा शिकंजा
शामली। कागजों में अस्पताल का पंजीकरण कराने के बाद स्वयं ही प्रैक्टिस करने वाले ऐसेे झोलाछापों पर पर शिकंजा कसने वाला है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। यदि अस्पताल में पंजीकृत डाक्टर मौके पर नहीं मिला तो मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अस्पताल का पंजीकरण तक निरस्त किया जाएगा। अस्पताल की टीम इस कार्रवाई को गोपनीय रखेगी और कभी भी किसी भी समय अस्पताल में पहुंच जाएगी। यदि अस्पताल में डाक्टर नहीं मिलता है तो उस अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कराने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराए जाएगी।
जिले में कई अस्पतालों में चल रहा ये खेल
शहर के कई मुख्य अस्पतालों में ये खेल चल रहा है। इन अस्पतालों में मुख्य डाक्टर तो काम कर रहे है। इनके साथ ही अस्पतालों में पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक्सरे और ईसीजी की सुविधाएं भी उपलब्ध है। इनको करने के लिए भी पैथोलॉजिस्ट, सॉनोलॉजिस्ट होने जरूरी है, लेकिन नौसीखिए लोगों से ये काम कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब भौतिक सत्यापन के लिए आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जो अस्पताल मानक के अनुरूप नहीं मिलते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डाक्टर राजकुमार, सीएमओ
विज्ञापन
शामली। कागजों में अस्पताल का पंजीकरण कराने के बाद स्वयं ही प्रैक्टिस करने वाले ऐसेे झोलाछापों पर पर शिकंजा कसने वाला है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। यदि अस्पताल में पंजीकृत डाक्टर मौके पर नहीं मिला तो मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही अस्पताल का पंजीकरण तक निरस्त किया जाएगा। अस्पताल की टीम इस कार्रवाई को गोपनीय रखेगी और कभी भी किसी भी समय अस्पताल में पहुंच जाएगी। यदि अस्पताल में डाक्टर नहीं मिलता है तो उस अस्पताल का पंजीकरण निरस्त कराने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराए जाएगी।
जिले में कई अस्पतालों में चल रहा ये खेल
शहर के कई मुख्य अस्पतालों में ये खेल चल रहा है। इन अस्पतालों में मुख्य डाक्टर तो काम कर रहे है। इनके साथ ही अस्पतालों में पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक्सरे और ईसीजी की सुविधाएं भी उपलब्ध है। इनको करने के लिए भी पैथोलॉजिस्ट, सॉनोलॉजिस्ट होने जरूरी है, लेकिन नौसीखिए लोगों से ये काम कराया जा रहा है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब भौतिक सत्यापन के लिए आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जो अस्पताल मानक के अनुरूप नहीं मिलते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डाक्टर राजकुमार, सीएमओ