{"_id":"5b5b67c24f1c1bee748b64e5","slug":"71532716994-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काग से हंस बनाते हो, गुरु जी तुम राह दिखाते हो भजन पर झूमें श्रद्घालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काग से हंस बनाते हो, गुरु जी तुम राह दिखाते हो भजन पर झूमें श्रद्घालु
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुजी तुम राह दिखाते, काग से हंस बनाते हो...
जलालाबाद। गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हवन के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। गुरु की महिमा का बखान किया गया।
जलालाबाद के प्राचीन सिद्ध पीठ शिव मंदिर मिट्ठी कुई शिव आश्रम में ब्रह्मलीन वीतराग नर्मदा गिरि जी महाराज की समाधि स्थल पर उनके अनुयायिओं ने सुबह पंडित राधेशयाम शर्मा ने विधि विधान के साथ यज्ञ कराया। गुरु वंदना कर व्यास पूजा की। ज्ञान यज्ञ स्थल पर स्वामी विवेकानंद के सानिध्य में गीता पाठ सत्संग प्रवचन किए गए। स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व हम सबके लिए ज्ञान चक्षु खोलने का पर्व है। सभी ने गुरु वंदना करते हुए कहा कि गुरुजी तुम राह दिखाते हो, काग से हंस बनाते हो। उधर प्राचीन गोगा जी म्हाड़ी के प्रांगण में शिव योगी गुरु गोरक्षनाथ महाराज के दरबार को फूलों से सजाया गया। उनके भक्तों ने गुरु महिमा का बखान कर गुरु गोरक्षनाथ महाराज की पूजा अर्चना करते हुए गुरु गद्दी की चादर चढ़ाई व आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कस्बे के मोहल्ला दरबार में रघुबीर पचिशिया के प्रांगण में ब्रहमलीन भक्त भगवान दास के शिष्यों ने पूजा पाठ कर प्रसाद वितरित किया। सभी कार्यक्रमों में सहारनपुर से पधारे सुखदेव प्रसाद भगत, वेदप्रकाश थानाभवन, पालीराम, राजपाल, भगत अंतराम, दिनेश कुमार, रामकुमार नायक, आशुतोष उपाध्याय, पूरण चंद भगत व कस्बे की महिला सकीर्तन मंडल का सहयोग रहा।
विज्ञापन
जलालाबाद। गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हवन के साथ विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। गुरु की महिमा का बखान किया गया।
जलालाबाद के प्राचीन सिद्ध पीठ शिव मंदिर मिट्ठी कुई शिव आश्रम में ब्रह्मलीन वीतराग नर्मदा गिरि जी महाराज की समाधि स्थल पर उनके अनुयायिओं ने सुबह पंडित राधेशयाम शर्मा ने विधि विधान के साथ यज्ञ कराया। गुरु वंदना कर व्यास पूजा की। ज्ञान यज्ञ स्थल पर स्वामी विवेकानंद के सानिध्य में गीता पाठ सत्संग प्रवचन किए गए। स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व हम सबके लिए ज्ञान चक्षु खोलने का पर्व है। सभी ने गुरु वंदना करते हुए कहा कि गुरुजी तुम राह दिखाते हो, काग से हंस बनाते हो। उधर प्राचीन गोगा जी म्हाड़ी के प्रांगण में शिव योगी गुरु गोरक्षनाथ महाराज के दरबार को फूलों से सजाया गया। उनके भक्तों ने गुरु महिमा का बखान कर गुरु गोरक्षनाथ महाराज की पूजा अर्चना करते हुए गुरु गद्दी की चादर चढ़ाई व आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कस्बे के मोहल्ला दरबार में रघुबीर पचिशिया के प्रांगण में ब्रहमलीन भक्त भगवान दास के शिष्यों ने पूजा पाठ कर प्रसाद वितरित किया। सभी कार्यक्रमों में सहारनपुर से पधारे सुखदेव प्रसाद भगत, वेदप्रकाश थानाभवन, पालीराम, राजपाल, भगत अंतराम, दिनेश कुमार, रामकुमार नायक, आशुतोष उपाध्याय, पूरण चंद भगत व कस्बे की महिला सकीर्तन मंडल का सहयोग रहा।