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निरीक्षण में चिकित्साधीक्षक समेत नो स्वास्थ्यकर्मी गैरहाजिर
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:24 AM IST
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शामली।
प्रतिकूल प्रविष्ट मिलने के बाद भी ऊन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी सुधार करने को तैयार नहीं हैं। डॉक्टर वहां आते नहीं हैं और मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्साधिकारी समेत नौ स्वास्थ्य कर्मी गैर हाजिर मिले।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सागर और डॉ. केपी सिंह ने संयुक्त टीम बनाकर ऊन सीएचसी का निरीक्षण किया। करीब 12.30 बजे दोनों अधिकारी अस्पताल में पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया। जिसमें चिकित्साधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार की इस माह में 14 दिन भी उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। इसके अलावा ज्योति बघेल, प्रीती, छवि चौधरी, डॉ. कविता डबास, चंद्रपकाश, प्रतिभा, डॉ. विकास सहित नौ स्वास्थ्य कर्मी गैरहाजिर मिले। इनमें आरबीएस के टीम की पिछले तीन दिनों से उपस्थिति नहीं लगी है।
यहीं नहीं अस्पताल में सफाई व्यवस्था सही नहीं मिली। जिस पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच आख्या सीएमओ डॉ. राजकुमार को सौंप दी। गैरहाजिर मिले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है तथा फिलहाल संबंधित दिनों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है। एसीएमओ डॉ. आरके सागर ने बताया कि जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है।
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डीएम ने दी थी प्रतिकूल प्रविष्ट
ऊन अस्पताल में कार्य में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। एक वर्ष पूर्व एसडीएम द्वारा किए गए निरीक्षण में कई डॉक्टर गैरहाजिर मिले थे। कार्य में लापरवाही मिलने पर वर्तमान डीएम ने ऊन चिकित्साधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्ट जारी की थी, बावजूद इसके स्थिति सुधर नहीं रही है।
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प्रतिकूल प्रविष्ट मिलने के बाद भी ऊन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी सुधार करने को तैयार नहीं हैं। डॉक्टर वहां आते नहीं हैं और मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्साधिकारी समेत नौ स्वास्थ्य कर्मी गैर हाजिर मिले।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सागर और डॉ. केपी सिंह ने संयुक्त टीम बनाकर ऊन सीएचसी का निरीक्षण किया। करीब 12.30 बजे दोनों अधिकारी अस्पताल में पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया। जिसमें चिकित्साधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार की इस माह में 14 दिन भी उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। इसके अलावा ज्योति बघेल, प्रीती, छवि चौधरी, डॉ. कविता डबास, चंद्रपकाश, प्रतिभा, डॉ. विकास सहित नौ स्वास्थ्य कर्मी गैरहाजिर मिले। इनमें आरबीएस के टीम की पिछले तीन दिनों से उपस्थिति नहीं लगी है।
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यहीं नहीं अस्पताल में सफाई व्यवस्था सही नहीं मिली। जिस पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच आख्या सीएमओ डॉ. राजकुमार को सौंप दी। गैरहाजिर मिले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है तथा फिलहाल संबंधित दिनों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है। एसीएमओ डॉ. आरके सागर ने बताया कि जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है।
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डीएम ने दी थी प्रतिकूल प्रविष्ट
ऊन अस्पताल में कार्य में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। एक वर्ष पूर्व एसडीएम द्वारा किए गए निरीक्षण में कई डॉक्टर गैरहाजिर मिले थे। कार्य में लापरवाही मिलने पर वर्तमान डीएम ने ऊन चिकित्साधीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्ट जारी की थी, बावजूद इसके स्थिति सुधर नहीं रही है।