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जिसकी हुई पिटाई,पुलिस ने कर दिया उसी का चालान
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:24 AM IST
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महिलाओं ने कोतवाली प्रभारी से मिलकर दुखड़ा रोया
शामली। हमले के शिकार व्यक्ति का ही पुलिस ने चालान कर दिया। पीड़ित पक्ष की महिलाओं ने एएसपी से मिलीं और इसके बाद कोतवाली प्रभारी से मिलकर अपना दुखड़ा रोया। कोतवाल ने उसे न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
दरअसल गांव खेड़ीकरमू में जोनी को शनिवार की रात कुछ युवकों ने पीट दिया था, जिसमें वह घायल हो गया था। इसकी सूचना पीड़ितों ने डायल-100 पुलिस को दी थी। सूचना पर डायल-100 पुलिस गांव में पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। परिजनों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। डायल-100 पुलिस पीड़ित जोनी को भी कोतवाली में ले आई। देर रात पीड़ित पक्ष कोतवाली में अपनी फरियाद लेकर आए और मुंशी को सारी बात बताई, लेकिन मुंशी ने सुबह आने की बात कहते हुए उनको टरका दिया। सुबह होने पर जब परिजन कोतवाली पहुंचे और दोबारा मुंशी से पूछा, तो उन्होंने शांति समिति की बैठक होने की बात कहते हुए पीड़ितों को टरका दिया और कोतवाल से नहीं मिलने दिया। बाद में पुलिस ने पीड़ित और आरोपी दोनों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। परिजनों को जब यह बात पता चली तो परिजनों में रोष व्याप्त हो गया। महिलाएं एएसपी श्लोक कुमार से मुलाकात कर सारी बातें बताईं। इसके बाद एएसपी ने कोतवाली प्रभारी से पूरी जानकारी ली। उसके बाद परिजन कोतवाली में पहुंचे। इसके बाद, कोतवाल ने मामला संज्ञान में लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
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शामली। हमले के शिकार व्यक्ति का ही पुलिस ने चालान कर दिया। पीड़ित पक्ष की महिलाओं ने एएसपी से मिलीं और इसके बाद कोतवाली प्रभारी से मिलकर अपना दुखड़ा रोया। कोतवाल ने उसे न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
दरअसल गांव खेड़ीकरमू में जोनी को शनिवार की रात कुछ युवकों ने पीट दिया था, जिसमें वह घायल हो गया था। इसकी सूचना पीड़ितों ने डायल-100 पुलिस को दी थी। सूचना पर डायल-100 पुलिस गांव में पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। परिजनों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। डायल-100 पुलिस पीड़ित जोनी को भी कोतवाली में ले आई। देर रात पीड़ित पक्ष कोतवाली में अपनी फरियाद लेकर आए और मुंशी को सारी बात बताई, लेकिन मुंशी ने सुबह आने की बात कहते हुए उनको टरका दिया। सुबह होने पर जब परिजन कोतवाली पहुंचे और दोबारा मुंशी से पूछा, तो उन्होंने शांति समिति की बैठक होने की बात कहते हुए पीड़ितों को टरका दिया और कोतवाल से नहीं मिलने दिया। बाद में पुलिस ने पीड़ित और आरोपी दोनों का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। परिजनों को जब यह बात पता चली तो परिजनों में रोष व्याप्त हो गया। महिलाएं एएसपी श्लोक कुमार से मुलाकात कर सारी बातें बताईं। इसके बाद एएसपी ने कोतवाली प्रभारी से पूरी जानकारी ली। उसके बाद परिजन कोतवाली में पहुंचे। इसके बाद, कोतवाल ने मामला संज्ञान में लेकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
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