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खाप चौधरियों को मंजूर नहीं सगोत्रीय विवाह
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:57 PM IST
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खाप चौधरियों को मंजूर नहीं सगोत्रीय विवाह
शामली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर आदेश दिया है कि बालिग युवक और युवती की उनकी मर्जी से होने वाली शादी में किसी खाप पंचायत की दखलंदाजी गैरकानूनी होगी। इस पर खाप चौधरियों ने भी अपनी पुरानी दलील दी है। उनका कहना है कि सगोत्रीय विवाह मंजूर नहीं होगा, क्योंकि इससे संस्कृति को खतरा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासकर शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों में सगोत्रीय विवाह को लेकर खाप पंचायतें विरोध करती रही हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट भी पूर्व में कई बार आदेश दे चुका है कि बालिग युवक और युवती यदि अपनी मर्जी से शादी करते हैं, तो उसमें किसी को दखल करने का अधिकार नहीं है। खाप पंचायतों को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। इसी संबंध में मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया और कहा कि बालिग युवक-युवती की शादी में खाप पंचायतों की दखलंदाजी गैरकानूनी होगी। उधर, गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह का कहना है कि सगोत्रीय विवाह बर्दाश्त नहीं होगा। अपने गोत्र को बचाकर कहीं भी शादी की जा सकती है। खाप पंचायत किसी पर जोर जबरदस्ती नहीं करती हैं, लेकिन समाज को सही राह दिखाना खाप पंचायत का कार्य है, जिसे खाप करती रहेगी। बतीसा खाप के चौधरी सूरजमल का कहना है कि सगोत्रीय विवाह से संस्कृति को खतरा है, हमें सगोत्रीय विवाह कतई मंजूर नहीं है। रीति रिवाज से अंतरजातीय विवाह हो सकता है, लेकिन सगोत्रीय विवाह नहीं होना चाहिए।
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शामली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर आदेश दिया है कि बालिग युवक और युवती की उनकी मर्जी से होने वाली शादी में किसी खाप पंचायत की दखलंदाजी गैरकानूनी होगी। इस पर खाप चौधरियों ने भी अपनी पुरानी दलील दी है। उनका कहना है कि सगोत्रीय विवाह मंजूर नहीं होगा, क्योंकि इससे संस्कृति को खतरा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासकर शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों में सगोत्रीय विवाह को लेकर खाप पंचायतें विरोध करती रही हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट भी पूर्व में कई बार आदेश दे चुका है कि बालिग युवक और युवती यदि अपनी मर्जी से शादी करते हैं, तो उसमें किसी को दखल करने का अधिकार नहीं है। खाप पंचायतों को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। इसी संबंध में मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया और कहा कि बालिग युवक-युवती की शादी में खाप पंचायतों की दखलंदाजी गैरकानूनी होगी। उधर, गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह का कहना है कि सगोत्रीय विवाह बर्दाश्त नहीं होगा। अपने गोत्र को बचाकर कहीं भी शादी की जा सकती है। खाप पंचायत किसी पर जोर जबरदस्ती नहीं करती हैं, लेकिन समाज को सही राह दिखाना खाप पंचायत का कार्य है, जिसे खाप करती रहेगी। बतीसा खाप के चौधरी सूरजमल का कहना है कि सगोत्रीय विवाह से संस्कृति को खतरा है, हमें सगोत्रीय विवाह कतई मंजूर नहीं है। रीति रिवाज से अंतरजातीय विवाह हो सकता है, लेकिन सगोत्रीय विवाह नहीं होना चाहिए।
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