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शामली चीनी मिल पर 6.90 लाख का जुर्माना
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शामली चीनी मिल पर 6.90 लाख का जुर्माना
शामली। अपर दोआब चीनी मिल पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 6.90 लाख रुपये जुर्माने की संस्तुति की है। एनजीटी में हुई शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की टीम ने जांच की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है।
चीनी मिल से फैल से रहे प्रदूषण की शिकायत एनजीटी में सत्यपाल सिंह की ओर से की गई थी। जिस पर बीते वर्ष 24 नवंबर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की टीम ने संयुक्त जांच की थी। समिति की जांच रिपोर्ट में चीनी मिल की दीवारें ऊंची न होने के कारण छाई से प्रदूषण होता पाया गया। पानी की निकासी भी मानकों के विपरीत मिली थी। जिस पर चीनी मिल पर 6.90 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और जल अधिनियम-1974 की धारा-33ए के तहत कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
पहले भी लगा था जुर्माना, शिकायतें और भी हैं
शामली चीनी मिल के प्रदूषण से शहर के लोगों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पहले भी मिल की शिकायत हो चुकी हैं। जनवरी-2021 में भी शिकायत सही मिलने पर मिल पर 5.40 लाख का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा एनजीटी ने अधिवक्ता मनीष जैन की शिकायत पर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीन माह में जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। जिसकी एनजीटी में अगली तारीख 4 जुलाई है।
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शामली। अपर दोआब चीनी मिल पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 6.90 लाख रुपये जुर्माने की संस्तुति की है। एनजीटी में हुई शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की टीम ने जांच की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है।
चीनी मिल से फैल से रहे प्रदूषण की शिकायत एनजीटी में सत्यपाल सिंह की ओर से की गई थी। जिस पर बीते वर्ष 24 नवंबर को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की टीम ने संयुक्त जांच की थी। समिति की जांच रिपोर्ट में चीनी मिल की दीवारें ऊंची न होने के कारण छाई से प्रदूषण होता पाया गया। पानी की निकासी भी मानकों के विपरीत मिली थी। जिस पर चीनी मिल पर 6.90 लाख रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और जल अधिनियम-1974 की धारा-33ए के तहत कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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पहले भी लगा था जुर्माना, शिकायतें और भी हैं
शामली चीनी मिल के प्रदूषण से शहर के लोगों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पहले भी मिल की शिकायत हो चुकी हैं। जनवरी-2021 में भी शिकायत सही मिलने पर मिल पर 5.40 लाख का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा एनजीटी ने अधिवक्ता मनीष जैन की शिकायत पर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तीन माह में जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। जिसकी एनजीटी में अगली तारीख 4 जुलाई है।
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