फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   5T, 5B and 5C... the drug smugglers' secret code, the drugs reach West UP after five train and bus changes.

Shamli News: 5 टी, 5 बी और 5 सी... नशा तस्करों का सीक्रेट कोड, पांच ट्रेन-बस बदलकर वेस्ट यूपी पहुंचता है नशा

Fri, 10 Jul 2026 01:40 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:40 AM IST
विज्ञापन
5T, 5B and 5C... the drug smugglers' secret code, the drugs reach West UP after five train and bus changes.
- शामली पुलिस की 21 मामलों की जांच में बड़ा खुलासा
विज्ञापन

- दो माह में 60 आरोपी गिरफ्तार मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और बरेली से जुड़ा नेटवर्क
- दंपती, महिलाएं, दिव्यांग और युवा भी तस्करी में शामिल

संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वेस्ट यूपी में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह पुलिस की नजरों से बचने के लिए अब 5 टी, 5 बी और 5 सी जैसे सीक्रेट कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शामली पुलिस द्वारा पिछले दो माह में दर्ज 21 मामलों की जांच के दौरान इस संगठित नेटवर्क और इसके काम करने के तरीके का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि गिरोह मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से नशीले पदार्थ मंगाकर शामली समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में सप्लाई कर रहा है।
विज्ञापन

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी सादिक और मनवीर की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क के महत्वपूर्ण सुराग मिले। आरोपियों ने बताया कि डोडा पोस्त मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के मंदसौर और राजस्थान के अलवर से लाया जाता है, जबकि स्मैक की सप्लाई बरेली, सहारनपुर और हरियाणा के पानीपत क्षेत्र से की जाती है। इसके बाद नेटवर्क के सदस्य शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, बिजनौर समेत हरियाणा के सोनीपत, रोहतक, करनाल और अन्य जिलों तक नशीले पदार्थ पहुंचाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह में 50 से अधिक सदस्य सक्रिय हैं। तस्करी के दौरान वे मोबाइल पर सीधे ट्रेन, बस या कार का नाम लेने के बजाय 5टी, 5 बी और 5 सी कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं। 5 टी का मतलब पांच ट्रेन बदलकर सफर करना, 5 बी का अर्थ पांच बसें बदलते हुए हाईवे के रास्ते माल पहुंचाना और 5 सी का मतलब कार के जरिए तस्करी करना होता है। लगातार वाहन बदलने से पुलिस के लिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कठिन हो जाता है। फाइव नाम आते ही गिरोह के सदस्य पांच वाहनों को बदलकर ही बताए गए ठिकानों तक पहुंचते हैं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य सफर के दौरान नशीले पदार्थ अपने पास नहीं रखते। वे मौका देखकर दूसरे यात्रियों की सीट के नीचे या सामान रखने की जगह पर माल छिपा देते हैं और कुछ दूरी बनाकर निगरानी करते रहते हैं। यदि रास्ते में पुलिस जांच शुरू हो जाए तो वे मौके से हट जाते हैं, जिससे बरामद माल से उनका सीधा संबंध साबित करना मुश्किल हो जाता है।
एसपी ने बताया कि पिछले दो माह में 21 मामलों में पुलिस ने 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें युवा, महिलाएं, दंपती और दिव्यांग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में शामली के अलावा बरेली, पंजाब के जालंधर तथा हरियाणा के पानीपत और करनाल के लोग भी शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के सप्लाई स्रोत और सरगना तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
- इनसेट
प्रति चक्कर मिलते हैं 10 से 12 हजार, खुद को दुबई का बताता है सरगना
शामली। जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों को नशीले पदार्थों की एक खेप सुरक्षित पहुंचाने पर 10 से 12 हजार रुपये तक कमीशन दिया जाता है। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी बाबा है, जो खुद को दुबई में रहने वाला बताता है। वह सदस्यों को जल्दी अमीर बनने और दुबई में फ्लैट दिलाने जैसे झूठे सपने दिखाकर इस कारोबार में बनाए रखता है। पुलिस को सरगना और उसके नेटवर्क के संबंध में कई अहम सुराग मिले हैं और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इनसेट
मजदूरों और छात्रों को अमीर बनने का सपना दिखाकर जोड़ रहा गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं, मजदूरों और छात्रों को अपना निशाना बनाता है। उन्हें कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर पहले छोटे काम दिए जाते हैं और बाद में नशीले पदार्थों की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अधिकांश आरोपी गरीब या मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, जिन्हें आसान कमाई का झांसा देकर इस अवैध कारोबार में शामिल किया गया।

एसपी ने बताया कि गिरोह के संबंध में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस अब सप्लाई के स्रोत तक पहुंच चुकी है और जल्द ही सरगना समेत पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed