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किसानों को चकबंदी के बारे में विस्तार से समझाया
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:46 AM IST
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जलालाबाद।
लंबे समय के बाद जलालाबाद देहात की चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिसको लेकर किसानों की खुली बैठक हुई, जिसमें किसानों को चकबंदी के बारे में विस्तार से समझाया गया।
बृहस्पतिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय में चकबंदी धारा 4 (क) के प्रकाशन को लेकर बैठक जलालाबाद देहात प्रधान नजीर मलिक ने किसानों की बैठक बुलाई। चकबंदी विभाग के लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी का गजट हो जाने के कारण सारी कृषि भूमि संबंधी कागजात जैसे खसरा, खतौनी तहसील से चकबंदी विभाग को प्राप्त हो गई है। पुन: चकबंदी प्रक्रिया शुरु कर दी गई है, अगर किसी किसान को चकबंदी प्रक्रिया से कोई शिकायत हो तो वह अपनी शिकायत बता सकता है। किसान नेता डॉ. मुकेश शास्त्री, बाबूराम नायक, राकेश शर्मा, भगवानदास राबडा, साजिद मलिक आदि ने किसानों को खसरा, खतौनी, हिस्सा प्रमाण पत्र आदि न मिलने की शिकायत की। चकबंदी लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया 4 (क) के प्रकाशन के बाद कोई भी किसान कृषि भूमि की प्रकृति में कोई परिवर्तन न करें। जलालाबाद के किसान शेर जमा खान, रुहला सिंह, परवेज अली खान, नगर पंचायत चेयरमैन अब्दुल गफ्फार आदि ने मांग की है कि 90 प्रतिशत भूमि कस्बे के किसानों की है। चकबंदी विभाग इस बात का ध्यान रखें कि चकबंदी कमेटी में कस्बे के किसानों का भी समुचित प्रतिनिधित्व होना चाहिए। साजिद मलिक ने कहा कि कस्बे के शत प्रतिशत किसान चकबंदी कराने के पक्ष में है, परंतु कस्बे के कुछ नेता चकबंदी कमेटी में अपना प्रतिनिधित्व पाने के चक्कर में है। अध्यक्षता प्रधान नजीर मलिक व संचालन डॉ. मुकेश शास्त्री ने किया। बैठक में साधन सहकारी समिति चेयरमैन मदन सैनी, लाला उपेंद्र गुप्ता, डॉ. गोपाल जाटव, नरेश शर्मा, राजेंद्र भगत, इस्तकार मेंबर, नसीम राही, बाबूराम नायक, बाबू यामीन, चौधरी शकील अहमद, खुर्शीद अहमद, चंद्रप्रकाश शर्मा, जीवन कश्यप, जयपाल सैनी, सुरेंद्र, शिमला, कमलेश, मछला देवी, राजेश आदि ग्राम सभा सदस्य व किसान भारी संख्या में उपस्थित रहे।
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लंबे समय के बाद जलालाबाद देहात की चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिसको लेकर किसानों की खुली बैठक हुई, जिसमें किसानों को चकबंदी के बारे में विस्तार से समझाया गया।
बृहस्पतिवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय में चकबंदी धारा 4 (क) के प्रकाशन को लेकर बैठक जलालाबाद देहात प्रधान नजीर मलिक ने किसानों की बैठक बुलाई। चकबंदी विभाग के लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी का गजट हो जाने के कारण सारी कृषि भूमि संबंधी कागजात जैसे खसरा, खतौनी तहसील से चकबंदी विभाग को प्राप्त हो गई है। पुन: चकबंदी प्रक्रिया शुरु कर दी गई है, अगर किसी किसान को चकबंदी प्रक्रिया से कोई शिकायत हो तो वह अपनी शिकायत बता सकता है। किसान नेता डॉ. मुकेश शास्त्री, बाबूराम नायक, राकेश शर्मा, भगवानदास राबडा, साजिद मलिक आदि ने किसानों को खसरा, खतौनी, हिस्सा प्रमाण पत्र आदि न मिलने की शिकायत की। चकबंदी लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया 4 (क) के प्रकाशन के बाद कोई भी किसान कृषि भूमि की प्रकृति में कोई परिवर्तन न करें। जलालाबाद के किसान शेर जमा खान, रुहला सिंह, परवेज अली खान, नगर पंचायत चेयरमैन अब्दुल गफ्फार आदि ने मांग की है कि 90 प्रतिशत भूमि कस्बे के किसानों की है। चकबंदी विभाग इस बात का ध्यान रखें कि चकबंदी कमेटी में कस्बे के किसानों का भी समुचित प्रतिनिधित्व होना चाहिए। साजिद मलिक ने कहा कि कस्बे के शत प्रतिशत किसान चकबंदी कराने के पक्ष में है, परंतु कस्बे के कुछ नेता चकबंदी कमेटी में अपना प्रतिनिधित्व पाने के चक्कर में है। अध्यक्षता प्रधान नजीर मलिक व संचालन डॉ. मुकेश शास्त्री ने किया। बैठक में साधन सहकारी समिति चेयरमैन मदन सैनी, लाला उपेंद्र गुप्ता, डॉ. गोपाल जाटव, नरेश शर्मा, राजेंद्र भगत, इस्तकार मेंबर, नसीम राही, बाबूराम नायक, बाबू यामीन, चौधरी शकील अहमद, खुर्शीद अहमद, चंद्रप्रकाश शर्मा, जीवन कश्यप, जयपाल सैनी, सुरेंद्र, शिमला, कमलेश, मछला देवी, राजेश आदि ग्राम सभा सदस्य व किसान भारी संख्या में उपस्थित रहे।
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