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किसान पाठशाला में किसानों को कृषि के साथ पशुपालन के लिए किया प्रेरित

Wed, 06 Dec 2017 12:09 AM IST
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:09 AM IST
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किसान पाठशाला में किसानों को कृषि के साथ पशुपालन के लिए किया प्रेरित
शामली।
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केंद्र सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुना करने के लिए चलाए गए कार्यक्रम के आयोजन की शुरुआत विकास खंड कैराना के गांव जगनपुर से की गई। कार्यक्रम का शुुुुभारंभ सांसद हुकुम सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने किसानों को खेती के साथ अन्य व्यवसाय के बारे में विस्तार से बताया, जिससे किसानों की आय दोगुना हो सके।

केंद्र सरकार की किसान पाठशाला द मिलियन फार्मस स्कूल तथा विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया। किसान पाठशाला कराकर किसानों को जागरूक कर वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का सरकार का लक्ष्य है। जनपद में पांच से लेकर नौ दिसंबर तक स्कूलों की छुट्टी होने के बाद किसान पाठशाला का आयोजन किया जाना है। इसकी शुरुआत मंगलवार को कैराना ब्लाक से हो चुकी है। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद हुकुम सिंह व उनकी पुत्री मृगांका सिंह ने किया। उन्होंने सभी किसानों को मिट्टी का ध्यान रखने, रासयनिक उर्वरकों का प्रयोग करने और आय बढ़ाने के लिए उन्नतशील प्रजातियों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करने के लिए किसानों को प्रेरित किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में एलडीएम योगेंद्र कुमार ने किसानों को क्रेडिट कार्ड के बारे में बताते हुए कृषक ऋण की धनराशि का समय से भुगतान कर अधिक ब्याज की राशि से बचने का आह्वान किया। वहीं, कृषि विशेषज्ञ विरेंद्र सिंह ने किसानों को फसल चक्र के लाभ, फसल के सिद्धांत, गेहूं की उन्नतशील प्रजाति और उन पर दिया जाने वाला अनुदान के बारे में बताया। मृदा कार्ड के द्वारा भूमि पोषक तत्वों के ज्ञान के बारे में बताते हुए पोषक तत्वों की पूर्ति के बारे में जानकारी दी। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने किसान पाठशाला का महत्व समझाते हुए किसानों से लाभ उठाने का आह्वान किया। उपकृषि निदेशक डॉक्टर रामवीर कटारा ने कृषकों को कृषि के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन आदि के बारे में विस्तार से समझाया, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके। इसके साथ ही उन्होंने अच्छी फसल लेने के लिए और मृदा उर्वरकता बढ़ाने के लिए जैविक खेती में हरी खाद, गोबर की खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट और जैविक उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान एसडीएम विनोद कुमार, उप परियोजना निदेशक डॉक्टर सुबोध, मांगेराम, विशाल, रोहित, जयबीर, अश्वनी, अंकुर, सुरेंद्र, शीशपाल, बृहम सिंह, पदम सिंह आदि मौजूद रहे।
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