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Shamli News: समूहों से जुड़ेंगी जनपद की 50 हजार राशन कार्डधारक महिलाएं
Wed, 29 Apr 2026 12:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:05 AM IST
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शामली। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले की लगभग 50 हजार महिला राशनकार्ड धारक को महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है।
लक्ष्य के सापेक्ष माह अप्रैल तक लगभग 20 हजार परिवारों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। संबंधित विभाग द्वारा इन आवेदनों को समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर पात्र परिवारों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ सकें।
डीसी एनआरएमएम पंकज का कहना है कि महिला समूहों के माध्यम से न केवल खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार, बैकिंग सेवाओं और ऋण योजनाओं में भी बेहतर पहुंच होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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समूह से जुड़ने वाली महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। महिला नीतू, सुनीता ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद हमें बचत और ऋण की सुविधा मिल रही है, जिससे छोटे कदम शुरू करने में मदद मिलेगी। कविता ने बताया कि पहले योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती थी, अब समूह के माध्यम से हर जानकारी मिल रही है। महिला समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाएं और अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जाए।
- विनय कुमार तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी
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लक्ष्य के सापेक्ष माह अप्रैल तक लगभग 20 हजार परिवारों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। संबंधित विभाग द्वारा इन आवेदनों को समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर पात्र परिवारों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ सकें।
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डीसी एनआरएमएम पंकज का कहना है कि महिला समूहों के माध्यम से न केवल खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार, बैकिंग सेवाओं और ऋण योजनाओं में भी बेहतर पहुंच होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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समूह से जुड़ने वाली महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। महिला नीतू, सुनीता ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद हमें बचत और ऋण की सुविधा मिल रही है, जिससे छोटे कदम शुरू करने में मदद मिलेगी। कविता ने बताया कि पहले योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती थी, अब समूह के माध्यम से हर जानकारी मिल रही है। महिला समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाएं और अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जाए।
- विनय कुमार तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी