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जिले में 487832 लोगों को लगी पहली डोज
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शामली जिला अस्पताल में टीका लगाती महिला चिकित्सक
- फोटो : SHAMLI
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शामली। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते सरकार लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन का टीका ज्यादा से ज्यादा लोगों को लगाए जाने पर जोर दे रही है। जनपद में 18 साल से अधिक आयु के 973541 लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नौ माह से चल रहे टीकाकरण अभियान में अब तक 487832 लोगों को पहली डोज का टीका लगा है, जो लक्ष्य का 50.11 प्रतिशत है।
जनपद में कोरोना से बचाव के लिए 16 जनवरी को कोरोनारोधी वैक्सीन का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। पहले हेल्थ वर्करों को टीके लगाए गए। इसके बाद फ्रंट लाइन वर्करों को, उसके बाद 45 साल से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाए गए। शुरूआत में टीकाकरण की रफ्तार बहुत धीमी रही। पिछले कई महीने से 18 साल से अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण शुरू हुआ। जिसमें युवाओं में उत्साह देखने को मिला, लेकिन इसके बाद भी बड़ी आबादी टीके से वंचित है।
जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने 18 साल से अधिक आयु के 973541 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी तक 487832 लोगों को पहली डोज लगी है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 50.11 प्रतिशत है। इनमें दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या एक चौथाई से भी कम है। अभी तक 116222 लोगों को दूसरी डोज का टीका लगा है, जो पहली डोज लगवाने वाले लोगों के सापेक्ष 23.82 प्रतिशत है।
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स्वास्थ्य विभाग की माने तो दूसरी डोज लगवाने में लोग कम रुचि ले रहे हैं। जबकि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते सरकार दूसरी डोज ज्यादा से ज्यादा लोगों को लगाने पर जोर दे रही है, ताकि दोनों डोज लगने से लोग कोरोना से सुरक्षित हो सके। इस तरह से देखा जाए तो अभी तक जिले में 18 साल से अधिक आयु के मात्र 11.93 प्रतिशत लोग कोरोना से सुरक्षित हो पाए हैं। इसके अलावा 18 साल से कम आयु के लिए अभी टीका नहीं है। इसलिए इस आयु वर्ग के किशोर व बच्चे भी बड़ी संख्या में कोरोनारोधी टीके से वंचित है।
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कोरोनारोधी टीके पहली व दूसरी दोनों डोज लगवाने के लिए प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की हर संभव कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगे। टीकाकरण के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। - डॉ. आरके सागर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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जनपद में कोरोना से बचाव के लिए 16 जनवरी को कोरोनारोधी वैक्सीन का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। पहले हेल्थ वर्करों को टीके लगाए गए। इसके बाद फ्रंट लाइन वर्करों को, उसके बाद 45 साल से अधिक आयु के लोगों को टीके लगाए गए। शुरूआत में टीकाकरण की रफ्तार बहुत धीमी रही। पिछले कई महीने से 18 साल से अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण शुरू हुआ। जिसमें युवाओं में उत्साह देखने को मिला, लेकिन इसके बाद भी बड़ी आबादी टीके से वंचित है।
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जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने 18 साल से अधिक आयु के 973541 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभी तक 487832 लोगों को पहली डोज लगी है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 50.11 प्रतिशत है। इनमें दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या एक चौथाई से भी कम है। अभी तक 116222 लोगों को दूसरी डोज का टीका लगा है, जो पहली डोज लगवाने वाले लोगों के सापेक्ष 23.82 प्रतिशत है।
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स्वास्थ्य विभाग की माने तो दूसरी डोज लगवाने में लोग कम रुचि ले रहे हैं। जबकि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते सरकार दूसरी डोज ज्यादा से ज्यादा लोगों को लगाने पर जोर दे रही है, ताकि दोनों डोज लगने से लोग कोरोना से सुरक्षित हो सके। इस तरह से देखा जाए तो अभी तक जिले में 18 साल से अधिक आयु के मात्र 11.93 प्रतिशत लोग कोरोना से सुरक्षित हो पाए हैं। इसके अलावा 18 साल से कम आयु के लिए अभी टीका नहीं है। इसलिए इस आयु वर्ग के किशोर व बच्चे भी बड़ी संख्या में कोरोनारोधी टीके से वंचित है।
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कोरोनारोधी टीके पहली व दूसरी दोनों डोज लगवाने के लिए प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की हर संभव कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगे। टीकाकरण के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। - डॉ. आरके सागर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।