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Shamli News: 11 साल में 458 माफिया ने काट डाले 32 हजार पेड़

Sat, 21 Oct 2023 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 21 Oct 2023 01:05 AM IST
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458 mafia cut down 32 thousand trees in 11 years
शामली। जिले में पेड़ों का कटान भी खूब हो रहा है। कॉलोनी बसाने अथवा अन्य कारणों के नाम पर ऑन रिकार्ड 11 साल में 32,060 पेड़ काट डाले हैं जबकि वास्तव में संख्या इससे कहीं अधिक है। हालांकि नियमानुसार एक पेड़ काटने के बाद दस पौधे लगाने होते हैं, लेकिन पेड़ तो कट गए उसकी एवज लगा एक भी नहीं। वन विभाग के पास पेड़ काटने की परमिशन लेने के दौरान करीब 32 करोड़ से अधिक की जमानत राशि जमा है। विभाग ने पेड़ काटने वाले लोगों को नोटिस देना तो दूर की बात उनकी जमानत राशि तक जब्त करना जरूरी नहीं समझा।
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शामली को वर्ष 2012 में जिले का दर्जा दिया गया था और उसके बाद से ही यहां डीएफओ व वन क्षेत्रीय अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई। वर्ष 2012-13 से ही वन विभाग पेड़ काटने की अनुमति देने लगा। शुरूआत के छह साल तो काफी कम संख्या में पेड़ काटने की अनुमति दी गई। वर्ष 2018-19 के बाद से पेड़ काटने की अनुुमति दो गुना हो गई। एक पेड़ काटने पर दस पौधे लगाने का प्रावधान है। अब अनुमति लेने पर पेड़ तो काट दिए गए लेकिन किसी ने भी एक पौधा इसकी एवज में लगाने की जहमत नहीं उठाई। पिछले 11 साल में जनपद वन विभाग के रिकार्ड के हिसाब से 32 हजार के करीब पेड़ काटे गए है।
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एक पेड़ काटने पर जमा करनी होती है एक हजार रुपये की राशि
नियमानुसार यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसको दस पौधे लगाने होते हैं। इसके लिए वन विभाग के पास एक हजार रुपये के हिसाब से पौधों के नाम पर जमानत राशि जमा हो जाती है। यदि देखा जाए तो वन विभाग ने 32 हजार पेड़ कटवाए हैं और उसके बाद लोगों को 3,20,600 पौधे लगाने थे। इन पौधों के नाम पर तीस करोड़ रुपये से अधिक वन विभाग के खाते में धनराशि जमा है। यदि वह पांच साल में पौधे नहीं लगाते हैं तो यह जमानत राशि जब्त कर ली जाती है और इसके लिए कोई नोटिस देेने का प्रावधान नहीं है। यह जमानत राशि को जब्त करने का वन विभाग के पास अधिकार है, लेकिन वन विभाग ने अभी तक किसी की भी जमानत राशि जब्त करना जरूरी नहीं समझा।
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पेड़ काटने पर जुर्माना लगाकर कर दी जाती है खानापूर्ति
वन विभाग के अधिकारी यदि कोई पेड़ काटता है तो उसके खिलाफ एक हजार से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाकर खाना पूर्ति कर देते हैं, जबकि पेड़ की कीमत तीस से 40 हजार रुपये होती है।


मामला गंभीर है और यदि पेड़ काटने वाले लोगों की जमानत राशि जब्त नहीं की गई होगी तो संबंधित कर्मचारी से जवाब तलब किया जाएगा। पांच साल में जमानत राशि जब्त करने का अधिकार वन विभाग के पास है। वह इस मामले की जांच कराएंगे।
जगदेव सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी शामली
इस तरह लोगों को दी गई पेड़ काटने की अनुमति
वर्ष- व्यक्ति
2012-13 11
2013-14 24
2014-15 16
2015-16 11
2016-17 02
2017-18 16
2018-19 97
2019-20 97
2020-21 41
2021-22 72
2022-23 56
2023-24 15

नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।
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