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Shamli News: 24 गांवों में कर दिया 4.48 लाख का भुगतान
Tue, 06 Jan 2026 12:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:20 AM IST
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शामली। जिले की 24 ग्राम पंचायतों में गेटवे पोर्टल को दरकिनार कर ग्राम सचिवों और अन्य अधिकारियों ने विकास कार्यों के नाम पर 4.48 लाख का भुगतान कर दिया है। प्रदेश के पंचायतीराज विभाग के निदेशक ने अक्तूबर माह की जांच कराई तो इसका खुलासा हुआ। इस मामले में शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, मेरठ समेत 73 जिलों की 2006 ग्राम पंचायतों में ई- पंचायत गेटवे पोर्टल का प्रयोग किए बिना ही अक्तूबर माह में विकास कार्यों का कुल 37.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। जांच के बाद विकास कार्यों के नाम पर गोलमाल की आशंका जताई गई है।
मामले को गंभीर मानते हुए पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने शामली समेत सभी जिलों के जिलाधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषी ग्राम सचिवों व अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र जारी होते ही विभागीय अधिकारियों में खलबली मची है।
निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर को छोड़कर शेष सभी 73 जिलों में पंचायत गेटवे पोर्टल का प्रयोग किए बिना भुगतान किया गया है। इससे स्पष्ट है कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की अनदेखी कर नियमों को दरकिनार किया गया।
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n इन जिलों में सबसे अधिक भुगतान : जांच में सामने आया कि सबसे अधिक बाराबंकी की 126 ग्राम पंचायतों में 2.17 करोड़ रुपये का भुगतान बिना पोर्टल किया गया। दूसरे स्थान पर सीतापुर की 96 ग्राम पंचायतों में 1.39 करोड़ और तीसरे स्थान पर सहारनपुर की 87 ग्राम पंचायतों में 2.45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मेरठ की 27 ग्राम पंचायतों में 55.15 लाख, शामली की 24 ग्राम पंचायतों में 4.48 लाख, बागपत की 9 ग्राम पंचायतों में 27 लाख, बुलंदशहर की 7 ग्राम पंचायतों में 15.1 लाख, रामपुर की 5 ग्राम पंचायतों में 5.59 लाख, हापुड़ की 3 ग्राम पंचायतों में 10 लाख, मुजफ्फरनगर की 3 ग्राम पंचायतों में 2.20 लाख तथा बिजनौर की एक ग्राम पंचायत में 1.38 लाख रुपये का भुगतान बिना गेटवे पोर्टल किया गया।
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मामले को गंभीर मानते हुए पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने शामली समेत सभी जिलों के जिलाधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषी ग्राम सचिवों व अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्र जारी होते ही विभागीय अधिकारियों में खलबली मची है।
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निदेशक द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर को छोड़कर शेष सभी 73 जिलों में पंचायत गेटवे पोर्टल का प्रयोग किए बिना भुगतान किया गया है। इससे स्पष्ट है कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की अनदेखी कर नियमों को दरकिनार किया गया।
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n इन जिलों में सबसे अधिक भुगतान : जांच में सामने आया कि सबसे अधिक बाराबंकी की 126 ग्राम पंचायतों में 2.17 करोड़ रुपये का भुगतान बिना पोर्टल किया गया। दूसरे स्थान पर सीतापुर की 96 ग्राम पंचायतों में 1.39 करोड़ और तीसरे स्थान पर सहारनपुर की 87 ग्राम पंचायतों में 2.45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मेरठ की 27 ग्राम पंचायतों में 55.15 लाख, शामली की 24 ग्राम पंचायतों में 4.48 लाख, बागपत की 9 ग्राम पंचायतों में 27 लाख, बुलंदशहर की 7 ग्राम पंचायतों में 15.1 लाख, रामपुर की 5 ग्राम पंचायतों में 5.59 लाख, हापुड़ की 3 ग्राम पंचायतों में 10 लाख, मुजफ्फरनगर की 3 ग्राम पंचायतों में 2.20 लाख तथा बिजनौर की एक ग्राम पंचायत में 1.38 लाख रुपये का भुगतान बिना गेटवे पोर्टल किया गया।