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दशरथ मरण-भरत मिलाप की मार्मिक लीला का हुआ मंचन
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:20 AM IST
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दशरथ मरण लीला का मार्मिक मंचन
शामली। मंदिर हनुमान धाम पर आयोजित रामलीला में दशरथ मरण, भरत मिलाप की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। रामलीला देख दर्शकों की आंखें छलक उठी।
रामलीला में केवट श्रीराम-लक्ष्मण व सीता के चरण धोता है।बदले में श्रीराम केवट को गंगा पार उतारने के लिए दक्षिणा देना चाहते हैं, वह चतुराई से यह कहकर मना कर देता है कि भगवान मैने आपको गंगा पार कराया है,आप भवसागर पार लगा देना। सुमंत जब अयोध्या पहुंचते हैं,राजा दशरथ श्रीराम लक्ष्मण, सीता के वन से वापस नहीं आने के बारे में पूछते हैं, तो सुमंत सारा वृत्तांत सुनाते हैं। राम-लक्ष्मण, सीता को न देखकर हे-राम-राम कहकर दशरथ प्राण त्याग देते हैं। राजा दशरथ के मरने के बाद गुरु वशिष्ठ भरत-शत्रुघ्न को ननिहाल से संदेश देकर बुलाया जाता है। राजा दशरथ के अंतिम संस्कार के बाद भरत-शत्रुघ्न अयोध्या चित्रकूट के लिए रवाना होते हैं। चित्रकूट में श्रीराम- भरत का मिलाप होता है। श्रीराम के आदेश पर भरत उनकी चरण पादुका लेकर अयोध्या रवाना हो जाते हैं।
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शामली। मंदिर हनुमान धाम पर आयोजित रामलीला में दशरथ मरण, भरत मिलाप की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। रामलीला देख दर्शकों की आंखें छलक उठी।
रामलीला में केवट श्रीराम-लक्ष्मण व सीता के चरण धोता है।बदले में श्रीराम केवट को गंगा पार उतारने के लिए दक्षिणा देना चाहते हैं, वह चतुराई से यह कहकर मना कर देता है कि भगवान मैने आपको गंगा पार कराया है,आप भवसागर पार लगा देना। सुमंत जब अयोध्या पहुंचते हैं,राजा दशरथ श्रीराम लक्ष्मण, सीता के वन से वापस नहीं आने के बारे में पूछते हैं, तो सुमंत सारा वृत्तांत सुनाते हैं। राम-लक्ष्मण, सीता को न देखकर हे-राम-राम कहकर दशरथ प्राण त्याग देते हैं। राजा दशरथ के मरने के बाद गुरु वशिष्ठ भरत-शत्रुघ्न को ननिहाल से संदेश देकर बुलाया जाता है। राजा दशरथ के अंतिम संस्कार के बाद भरत-शत्रुघ्न अयोध्या चित्रकूट के लिए रवाना होते हैं। चित्रकूट में श्रीराम- भरत का मिलाप होता है। श्रीराम के आदेश पर भरत उनकी चरण पादुका लेकर अयोध्या रवाना हो जाते हैं।