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वन जंतु अपराधों की सूचना पर होगी विधिक कार्रवाई
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:48 AM IST
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शामली।
जिले में वन जंतुओं की सुुरक्षा के लिए अपराध से संबधित सूचना वन विभाग के कार्यालय के अफसरों को देंगे, तो सूचना के 24 घंटो में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शामली वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी एके सक्सेना ने बताया कि जिले में वन प्रभाग शामली के के अंतर्गत कुल 5296.539 हेक्टेयर वन क्षेत्र आरक्षित है। इन वन क्षेत्रों में विद्यमान पर्यावरण तथा परिस्थिति संतुलन के दृष्टि कोण अति महत्वपूर्ण वन एवं वन्य प्रजातियों की सुरक्षा के लिए आसपास के ग्रामों, कस्बों और नागरिको की महत्वपूर्ण भूमिका है। आरक्षित वन क्षेत्रों की मानवीय गतिविधियों के कारण मनुष्य एवं वन्य जंतुओं में संघर्ष होता है। जिसका प्रभाव वन क्षेत्रों में पांच किमी सीमा ग्रामों पर पड़ता है। आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि, वनों, वन्य जंतुओं की सुरक्षा हेतु भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कड़े प्राविधान किए गए हैं। अपराधों पर नियंत्रण के लिए भारतीय दंड विधान के तहत कई प्राविधान किए गए हैं।
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जिले में वन जंतुओं की सुुरक्षा के लिए अपराध से संबधित सूचना वन विभाग के कार्यालय के अफसरों को देंगे, तो सूचना के 24 घंटो में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शामली वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी एके सक्सेना ने बताया कि जिले में वन प्रभाग शामली के के अंतर्गत कुल 5296.539 हेक्टेयर वन क्षेत्र आरक्षित है। इन वन क्षेत्रों में विद्यमान पर्यावरण तथा परिस्थिति संतुलन के दृष्टि कोण अति महत्वपूर्ण वन एवं वन्य प्रजातियों की सुरक्षा के लिए आसपास के ग्रामों, कस्बों और नागरिको की महत्वपूर्ण भूमिका है। आरक्षित वन क्षेत्रों की मानवीय गतिविधियों के कारण मनुष्य एवं वन्य जंतुओं में संघर्ष होता है। जिसका प्रभाव वन क्षेत्रों में पांच किमी सीमा ग्रामों पर पड़ता है। आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि, वनों, वन्य जंतुओं की सुरक्षा हेतु भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कड़े प्राविधान किए गए हैं। अपराधों पर नियंत्रण के लिए भारतीय दंड विधान के तहत कई प्राविधान किए गए हैं।