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3732 किसानों ने फसल बीमा से किया किनारा
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3732 किसानों ने फसल बीमा से किया किनारा
शामली। जिले के किसानों का फसल बीमा से मोह भंग हो गया है। इस बार 3732 किसानों ने फसल बीमा का प्रीमियम जमा करने से इंकार कर दिया है। इसके पीछे फसल बीमा के कड़े नियमों को वजह बताया जा रहा है। साथ ही गन्ने को फसल बीमा योजना से बाहर रखने के कारण भी किसानों का प्रीमियम नहीं काटा गया है। केंद्र सरकार ने गन्ने को फसल बीमा योजना से बाहर कर रखा है।
फसल बीमा पहले ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य थी। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर बैंक किसान के खाते से फसल बीमा का प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को भेज देते थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने गन्ने को फसल बीमा से बाहर कर दिया, तो करीब 80 प्रतिशत किसान इस योजना से बाहर हो गए। क्योंकि जिले में लगभग 80 प्रतिशत भूमि पर गन्ना उगाया जाता है तथा कृषि कार्ड भी गन्ने की फसल पर ही बनाया जाता है। अब गन्ने के अतिरिक्त फसलों को ही बीमा योजना में शामिल किया जाता है। जिला कृषि अधिकारी डा. हरिशंकर चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने अब फसल बीमा को स्वैच्छिक कर दिया है। इसके चलते 3732 किसानों ने बैंकों में लिखकर दे दिया है कि उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ नहीं चाहिए। केवल 597 किसानों ने ही फसल बीमा का लाभ लेने के लिए सहमति दी है। इस बार खरीफ के लिए 399 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल को ही बीमा योजना में शामिल किया गया। फसल में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
कड़े नियम, कम भुगतान से नहीं रुझान
फसल बीमा योजना में प्रीमियम जमा करने के बाद यदि फसल का नुकसान हो जाता है, तो बीमा राशि पाने के लिए नियम काफी बड़े हैं। बीमा योजना में यदि सामूहिक रूप से किसानों की फसल का नुकसान होता है, तो ही उसका लाभ मिलता है। इसके साथ ही ज्यादा नुकसान होने पर ही लाभ दिया जाता है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले साल खरीफ सीजन में 1912 किसानों ने प्रीमियम जमा किया था। इनमें से 41 किसानों को 85,346 रुपये फसल बीमा का लाभ मिला। बीते रबी सीजन में 2435 किसान फसल बीमा योजना में शामिल थे, जिनमें से 108 किसानों को एक लाख 34 हजार 422 रुपये बीमा का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि क्राप कटिंग में उत्पादन कम निकलने पर इन किसानों को फसल बीमा का लाभ मिला।
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इस बार 597 किसान हैं शामिल
वर्तमान खरीफ सीजन में 597 किसानों ने ही फसल बीमा का प्रीमियम जमा किया है। 3732 किसानों ने प्रीमियम जमा करने पर असहमति जता दी। इसलिए इन्हें योजना में शामिल नहीं किया जा सका। इस बार 597 किसानों की 399 हेक्टेयर फसल बीमा योजना शामिल की गई है।
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शामली। जिले के किसानों का फसल बीमा से मोह भंग हो गया है। इस बार 3732 किसानों ने फसल बीमा का प्रीमियम जमा करने से इंकार कर दिया है। इसके पीछे फसल बीमा के कड़े नियमों को वजह बताया जा रहा है। साथ ही गन्ने को फसल बीमा योजना से बाहर रखने के कारण भी किसानों का प्रीमियम नहीं काटा गया है। केंद्र सरकार ने गन्ने को फसल बीमा योजना से बाहर कर रखा है।
फसल बीमा पहले ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य थी। किसान क्रेडिट कार्ड बनाने पर बैंक किसान के खाते से फसल बीमा का प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को भेज देते थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने गन्ने को फसल बीमा से बाहर कर दिया, तो करीब 80 प्रतिशत किसान इस योजना से बाहर हो गए। क्योंकि जिले में लगभग 80 प्रतिशत भूमि पर गन्ना उगाया जाता है तथा कृषि कार्ड भी गन्ने की फसल पर ही बनाया जाता है। अब गन्ने के अतिरिक्त फसलों को ही बीमा योजना में शामिल किया जाता है। जिला कृषि अधिकारी डा. हरिशंकर चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने अब फसल बीमा को स्वैच्छिक कर दिया है। इसके चलते 3732 किसानों ने बैंकों में लिखकर दे दिया है कि उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ नहीं चाहिए। केवल 597 किसानों ने ही फसल बीमा का लाभ लेने के लिए सहमति दी है। इस बार खरीफ के लिए 399 हेक्टेयर भूमि पर खड़ी फसल को ही बीमा योजना में शामिल किया गया। फसल में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
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कड़े नियम, कम भुगतान से नहीं रुझान
फसल बीमा योजना में प्रीमियम जमा करने के बाद यदि फसल का नुकसान हो जाता है, तो बीमा राशि पाने के लिए नियम काफी बड़े हैं। बीमा योजना में यदि सामूहिक रूप से किसानों की फसल का नुकसान होता है, तो ही उसका लाभ मिलता है। इसके साथ ही ज्यादा नुकसान होने पर ही लाभ दिया जाता है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले साल खरीफ सीजन में 1912 किसानों ने प्रीमियम जमा किया था। इनमें से 41 किसानों को 85,346 रुपये फसल बीमा का लाभ मिला। बीते रबी सीजन में 2435 किसान फसल बीमा योजना में शामिल थे, जिनमें से 108 किसानों को एक लाख 34 हजार 422 रुपये बीमा का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि क्राप कटिंग में उत्पादन कम निकलने पर इन किसानों को फसल बीमा का लाभ मिला।
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इस बार 597 किसान हैं शामिल
वर्तमान खरीफ सीजन में 597 किसानों ने ही फसल बीमा का प्रीमियम जमा किया है। 3732 किसानों ने प्रीमियम जमा करने पर असहमति जता दी। इसलिए इन्हें योजना में शामिल नहीं किया जा सका। इस बार 597 किसानों की 399 हेक्टेयर फसल बीमा योजना शामिल की गई है।