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यमुना तटबंध के नहीं सुधरे हालात, जगह जगह दरारे
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:20 AM IST
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यमुना तटबंध में होने लगा कटान
कैराना।
मानसून शुरू होने के साथ यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर से खादर के ग्रामीणों को बाढ की चिंता सताने लगती है। हर दिन यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग की तमाम तैयारियां पूरी करने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यमुना तटबंध में मामूली बारिश में ही कटान शुरू हो गया।
प्रशासन व सिंचाई विभाग समय रहते बाढ़ से निपटने के बंदोबस्त नहीं करता। इसीलिए पूर्व मानसून में कई गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे। इस बार भी हालात कुछ बदले नजर नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को जब यमुना तटबंध का जायजा लिया गया तो तटबंध में जगह-जगह गहरे-गहरे गड्ढ़े बने हुए दिखाई दिए। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मामूली बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इस बारिश में तटबंध जगह-जगह से कटना शुरू हो रहा है, लेकिन, प्रशासन और सिंचाई विभाग की तंद्रा टूट नहीं पाई है। हालांकि, अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने के लिए तहसील कैराना क्षेत्र के तहत चार बाढ़ राहत चौकियां स्थापित करने तथा तमाम तैयारियां पूरी कर लेने का दावा किया है, जो मात्र हवा-हवाई साबित होकर रह गया है। सवाल है कि जिस यमुना नदी किनारे तटबंध मामूली बारिश में कटना शुरू हो जाए, वो यमुना के उफन आने पर कैसे टिक पाएगा। कुछ भी हो तटवर्ती गांवों में मानसून में अभी से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
26 गांव में तबाही मचा चुकी यमुना
वर्ष 2014 में यमुना नदी में बरसात के मौसम में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के चले यमुना नदी में बाढ़ आ गई थी, जिस कारण कई जगह से तटबंध टूट गया था। उस समय तहसील क्षेत्र के 26 गांवों में बाढ़ आ गई थी, जिसमें लोगों को भारी तबाही का दंश झेलना पड़ा था। अब फिर से लोगों में बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
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-- वर्जन --
यमुना नदी के तटबंध के हालात यदि खस्ताहाल है, तो संबंधित विभाग को इससे अवगत कराया जाएगा और मरम्मत कार्य कराया जाएगा। -सुरजीत सिंह, एसडीएम कैराना।
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कैराना।
मानसून शुरू होने के साथ यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर से खादर के ग्रामीणों को बाढ की चिंता सताने लगती है। हर दिन यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग की तमाम तैयारियां पूरी करने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यमुना तटबंध में मामूली बारिश में ही कटान शुरू हो गया।
प्रशासन व सिंचाई विभाग समय रहते बाढ़ से निपटने के बंदोबस्त नहीं करता। इसीलिए पूर्व मानसून में कई गांवों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे। इस बार भी हालात कुछ बदले नजर नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को जब यमुना तटबंध का जायजा लिया गया तो तटबंध में जगह-जगह गहरे-गहरे गड्ढ़े बने हुए दिखाई दिए। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मामूली बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। इस बारिश में तटबंध जगह-जगह से कटना शुरू हो रहा है, लेकिन, प्रशासन और सिंचाई विभाग की तंद्रा टूट नहीं पाई है। हालांकि, अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने के लिए तहसील कैराना क्षेत्र के तहत चार बाढ़ राहत चौकियां स्थापित करने तथा तमाम तैयारियां पूरी कर लेने का दावा किया है, जो मात्र हवा-हवाई साबित होकर रह गया है। सवाल है कि जिस यमुना नदी किनारे तटबंध मामूली बारिश में कटना शुरू हो जाए, वो यमुना के उफन आने पर कैसे टिक पाएगा। कुछ भी हो तटवर्ती गांवों में मानसून में अभी से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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26 गांव में तबाही मचा चुकी यमुना
वर्ष 2014 में यमुना नदी में बरसात के मौसम में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के चले यमुना नदी में बाढ़ आ गई थी, जिस कारण कई जगह से तटबंध टूट गया था। उस समय तहसील क्षेत्र के 26 गांवों में बाढ़ आ गई थी, जिसमें लोगों को भारी तबाही का दंश झेलना पड़ा था। अब फिर से लोगों में बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
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यमुना नदी के तटबंध के हालात यदि खस्ताहाल है, तो संबंधित विभाग को इससे अवगत कराया जाएगा और मरम्मत कार्य कराया जाएगा। -सुरजीत सिंह, एसडीएम कैराना।