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वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ का मुद्दा, बागपत नही जाएंगे आज अधिवक्ता
Updated Sun, 27 May 2018 12:37 AM IST
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बागपत नहीं जाएंगे आज अधिवक्ता
शामली। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर मुुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आगमन पर मुख्यमंत्री के समक्ष अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिवक्ताओं के बुलावे के संकेत मिले हैं। केंद्रीय संघर्ष समिति ने बागपत में प्रधानमंत्री से रविवार को मिलने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया हैं।
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने बेंच नही तो कैराना व नूरपुर में वोट न दिए जाने व 24 मई को शामली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर बैठक करके धरना प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जाने का निर्णय लिया था। 24 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने शामली में पैदल मार्च निकाला था। इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस हाइवे के उद्घाटन के दौरान 27 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का निर्णय लिया था। शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक देवकी नंद शर्मा ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ केंद्रीय संघर्ष समिति ने बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। उन्होंने बताया कि समिति को प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिवक्ताओं को बुलावा भेजा है। 15 दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुलावा की तिथि घोषित हो जाएगी। संघर्ष समिति के चेयरमैन राजेंद्र जानी ने बताया कि बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 मई को होने वाली सभा में जाने का कार्यक्रम स्थगित रहेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात के पत्र भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से वार्ता जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय से बुलावा की तिथि आने के बाद अधिवक्ताओं की संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधानमंत्री से मिलने जाएगा।
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शामली। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर मुुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आगमन पर मुख्यमंत्री के समक्ष अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिवक्ताओं के बुलावे के संकेत मिले हैं। केंद्रीय संघर्ष समिति ने बागपत में प्रधानमंत्री से रविवार को मिलने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया हैं।
वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की खंडपीठ की मांग को लेकर 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने बेंच नही तो कैराना व नूरपुर में वोट न दिए जाने व 24 मई को शामली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर बैठक करके धरना प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जाने का निर्णय लिया था। 24 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने शामली में पैदल मार्च निकाला था। इसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट खंडपीठ की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस हाइवे के उद्घाटन के दौरान 27 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का निर्णय लिया था। शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक देवकी नंद शर्मा ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ केंद्रीय संघर्ष समिति ने बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। उन्होंने बताया कि समिति को प्रधानमंत्री कार्यालय से अधिवक्ताओं को बुलावा भेजा है। 15 दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुलावा की तिथि घोषित हो जाएगी। संघर्ष समिति के चेयरमैन राजेंद्र जानी ने बताया कि बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 मई को होने वाली सभा में जाने का कार्यक्रम स्थगित रहेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात के पत्र भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से वार्ता जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय से बुलावा की तिथि आने के बाद अधिवक्ताओं की संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधानमंत्री से मिलने जाएगा।
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