{"_id":"5a8f0a774f1c1b3c718b6671","slug":"31519323767-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेसी हो गए पूर्व विधायक अब्दुल वारिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेसी हो गए पूर्व विधायक अब्दुल वारिस
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व विधायक ने कांग्रेस का दामन थामा
शामली। थानाभवन के पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ दिल्ली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर और सांसद गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।
राव अब्दुल वारिस 2007 में थानाभवन विधानसभा सीट से पहली बार रालोद के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह बसपा में शामिल हो गए थे। 2012 और 2017 में उन्होंने बसपा के टिकट पर ही थानाभवन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन इन दोनों ही चुनाव में वह हार गए थे। उधर, बसपा के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जब पार्टी से निकाला गया, तो उसी दौरान राव अब्दुल वारिस भी बसपा से बाहर हो गए थे। बसपा में रहते हुए राव अब्दुल वारिस पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के करीबी हो गए थे। इसके बाद से राजनीतिक पार्टी बदलने को लेकर अटकलें चल रही थीं। वहीं, बृहस्पतिवार को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और सांसद गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस ज्वाइन की, तो राव अब्दुल वारिस भी उनके साथ ही कांग्रेस में शामिल हो गए। गौरतलब है कि राव अब्दुल वारिस के पिता राव अब्दुल राफे खां भी थानाभवन सीट से 1969 में बीकेडी के टिकट पर चुनाव जीते थे।
विज्ञापन
शामली। थानाभवन के पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ दिल्ली में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर और सांसद गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।
राव अब्दुल वारिस 2007 में थानाभवन विधानसभा सीट से पहली बार रालोद के टिकट पर विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह बसपा में शामिल हो गए थे। 2012 और 2017 में उन्होंने बसपा के टिकट पर ही थानाभवन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन इन दोनों ही चुनाव में वह हार गए थे। उधर, बसपा के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जब पार्टी से निकाला गया, तो उसी दौरान राव अब्दुल वारिस भी बसपा से बाहर हो गए थे। बसपा में रहते हुए राव अब्दुल वारिस पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के करीबी हो गए थे। इसके बाद से राजनीतिक पार्टी बदलने को लेकर अटकलें चल रही थीं। वहीं, बृहस्पतिवार को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और सांसद गुलाम नबी आजाद की मौजूदगी में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस ज्वाइन की, तो राव अब्दुल वारिस भी उनके साथ ही कांग्रेस में शामिल हो गए। गौरतलब है कि राव अब्दुल वारिस के पिता राव अब्दुल राफे खां भी थानाभवन सीट से 1969 में बीकेडी के टिकट पर चुनाव जीते थे।
विज्ञापन