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गैस सिलिंडर से आग लगने पर 3.05 लाख का जुर्माना
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शामली। गैस सिलिंडर से घर में आग लगने के 22 वर्ष पुराने मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 3.05 लाख का जुर्माना लगाया है।
शहर के आर्यपुरी निवासी नरेश कुमार पुत्र शंभू दयाल ने 22 वर्ष पूर्व आयोग में परिवाद दायर किया था। जिसमें बताया था कि 15 मार्च 2000 को उन्होंने घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलिंडर खरीदा था। 16 मार्च को सिलिंडर का रिसाव होने से खाना बनाते समय घर में आग गई थी। उनकी पुत्री ने भागकर अपनी जान बचाई थी। जबकि घर का सारा सामान और बेटी की शादी का सामान जलकर राख हो गया था। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता और महिला सदस्य अमरजीत कौर ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड कारपोरेशन और यूनाइटेड इंडिया इश्योरेंस कंपनी को सामान जलने से हुई क्षतिपूर्ति के लिए 2.50 लाख रुपये देने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये देने का आदेश सुनाया। यह धनराशि 30 दिन में आयोग के खाते में जमा न कराने पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देय होगा।
गलत वाहन देने पर क्षतिपूर्ति के आदेश
शामली। 22 वर्ष पुराने परिवाद पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने टाटा मोटर्स लिमिटेड और इसके डीलरों को क्षतिपूर्ति करने के आदेश दिए हैं।
निकिता पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक नरेश चंद बंसल ने वर्ष 2000 में परिवाद दायर किया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वह यूरो-2 मानकों के अनुरूप लग्जरी गाड़ी खरीदना चाहते थे। टाटा मोटर्स के दिल्ली के डीलर कोनकोर्ड मोटर्स इंडिया ने उन्हें टाटा सफारी गाड़ी यूरो-2 मॉडल बताकर 747365 रुपये में बेची थी। गाड़ी के यूरो-2 होने का प्रमाण पत्र भी दिया था। जब उन्हें पता चला कि गाड़ी यूरो-2 मॉडल नहीं है तो उन्होंने डीलर से गाड़ी बदलने या फिर ब्याज सहित पैसा लौटाने को कहा। उन्हें नोटिस भी भेजा, लेकिन विपक्षीगण ने भुगतान नहीं किया। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता और महिला सदस्य अमरजीत कौर ने इस मामले में वाहन की कीमत 747365 में से 10 प्रतिशत मूल्य ह्रास घटाकर शेष रकम और आर्थिक, शारीरिक व मानसिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये और वाद व्यय के पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया। 30 दिन में आदेश का अनुपालन न करने पर 12 प्रतिशत ब्याज देय होगा।
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शहर के आर्यपुरी निवासी नरेश कुमार पुत्र शंभू दयाल ने 22 वर्ष पूर्व आयोग में परिवाद दायर किया था। जिसमें बताया था कि 15 मार्च 2000 को उन्होंने घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलिंडर खरीदा था। 16 मार्च को सिलिंडर का रिसाव होने से खाना बनाते समय घर में आग गई थी। उनकी पुत्री ने भागकर अपनी जान बचाई थी। जबकि घर का सारा सामान और बेटी की शादी का सामान जलकर राख हो गया था। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता और महिला सदस्य अमरजीत कौर ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड कारपोरेशन और यूनाइटेड इंडिया इश्योरेंस कंपनी को सामान जलने से हुई क्षतिपूर्ति के लिए 2.50 लाख रुपये देने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार और वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये देने का आदेश सुनाया। यह धनराशि 30 दिन में आयोग के खाते में जमा न कराने पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देय होगा।
गलत वाहन देने पर क्षतिपूर्ति के आदेश
शामली। 22 वर्ष पुराने परिवाद पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने टाटा मोटर्स लिमिटेड और इसके डीलरों को क्षतिपूर्ति करने के आदेश दिए हैं।
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निकिता पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक नरेश चंद बंसल ने वर्ष 2000 में परिवाद दायर किया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वह यूरो-2 मानकों के अनुरूप लग्जरी गाड़ी खरीदना चाहते थे। टाटा मोटर्स के दिल्ली के डीलर कोनकोर्ड मोटर्स इंडिया ने उन्हें टाटा सफारी गाड़ी यूरो-2 मॉडल बताकर 747365 रुपये में बेची थी। गाड़ी के यूरो-2 होने का प्रमाण पत्र भी दिया था। जब उन्हें पता चला कि गाड़ी यूरो-2 मॉडल नहीं है तो उन्होंने डीलर से गाड़ी बदलने या फिर ब्याज सहित पैसा लौटाने को कहा। उन्हें नोटिस भी भेजा, लेकिन विपक्षीगण ने भुगतान नहीं किया। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता और महिला सदस्य अमरजीत कौर ने इस मामले में वाहन की कीमत 747365 में से 10 प्रतिशत मूल्य ह्रास घटाकर शेष रकम और आर्थिक, शारीरिक व मानसिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये और वाद व्यय के पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया। 30 दिन में आदेश का अनुपालन न करने पर 12 प्रतिशत ब्याज देय होगा।
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