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Shamli News: जनपद में बनेंगी 28 नई बीसी सखी, गांव-गांव पहुंचेगी बैंकिंग सुविधा
Sun, 10 May 2026 01:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 10 May 2026 01:25 AM IST
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शामली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से 28 नई बीसी सखियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं।
जिला मिशन प्रबंधक ममता देवी ने बताया कि जिले की कुल 230 ग्राम पंचायतों में से वर्तमान में 202 ग्राम पंचायतों में बीसी सखियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। अब शेष बची 28 ग्राम पंचायतों को भी इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे हर गांव तक बैंकिंग सेवाएं आसानी से पहुंच सकें। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग की ओर से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चयनित महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। प्रशिक्षण के बाद उन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों में तैनात किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने समूह की महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है, ताकि इस योजना का लाभ हर गांव तक पहुंच सके।
यह है बीसी सखी योजना
बीसी सखी योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें गांव-गांव में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। ये महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को बैंकिंग सुविधाएं जैसे पैसा जमा करना, निकासी, खाता खोलना और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को न केवल रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे अपने गांव में आर्थिक रूप से सशक्त और सम्मानित भूमिका भी निभा रही हैं। शुरूआत में विभाग द्वारा छह महीने तक 4000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इसके बाद कार्य के आधार पर उन्हें कमीशन भी प्राप्त होता है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होती है।
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सुविधाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से 28 नई बीसी सखियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं।
जिला मिशन प्रबंधक ममता देवी ने बताया कि जिले की कुल 230 ग्राम पंचायतों में से वर्तमान में 202 ग्राम पंचायतों में बीसी सखियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। अब शेष बची 28 ग्राम पंचायतों को भी इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे हर गांव तक बैंकिंग सेवाएं आसानी से पहुंच सकें। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग की ओर से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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चयनित महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें। प्रशिक्षण के बाद उन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों में तैनात किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने समूह की महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है, ताकि इस योजना का लाभ हर गांव तक पहुंच सके।
यह है बीसी सखी योजना
बीसी सखी योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें गांव-गांव में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। ये महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को बैंकिंग सुविधाएं जैसे पैसा जमा करना, निकासी, खाता खोलना और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को न केवल रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे अपने गांव में आर्थिक रूप से सशक्त और सम्मानित भूमिका भी निभा रही हैं। शुरूआत में विभाग द्वारा छह महीने तक 4000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इसके बाद कार्य के आधार पर उन्हें कमीशन भी प्राप्त होता है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होती है।