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जिले से हटेंगे 216 होमगार्ड
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216 home guards will be removed from the district
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जिले से हटेंगे 216 होमगार्ड, चरमरा सकती है यातायात व्यवस्था
शामली। पुलिस महकमे के बजट से काम कर रहे प्रदेश के ढाई हजार होमगार्ड हटाए गए हैं। जनपद के 216 होमगार्ड इसके दायरे में आए हैं। इनमें से 42 होमगार्ड और 17 पुलिस कर्मी शहर की यातायात व्यवस्था को संभाले हुए हैं। इनमें से पुलिस कोटे के 30 होमगार्ड हट जाएंगे। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा जाने की आसार है। मिलों का पेराई सीजन भी शुरू होने वाला है। ऐसे में शहर में जाम का संकट खड़ा हो सकता है।
जनपद में पुलिस बजट से कुल 216 होमगार्ड हैं, जो कलक्ट्रेट, पुलिस कार्यालय के अलावा जिले के अलग अलग थानों में तैनात हैं। इनमें 30 होमगार्ड शहर की यातायात व्यवस्था संभालने में लगे हैं, लेकिन अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद जनपद में तैनात 216 पुलिसकर्मी हट जाएंगे। ऐसे में थानों में तो स्टाफ की कमी होगी ही साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित होगी। यातायात प्रभारी भंवर सिंह के अनुसार शहर में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस के केवल 17 पुलिस कर्मी हैं। स्टाफ की कमी के चलते 42 होमगार्ड भी इसमें लगाए गए हैं।
इनकी दो दो शिफ्ट में शहर में ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से पुलिस बजट कोटे के 30 पुलिस हटने के बाद अन्य माध्यम से तैनात 12 होमगार्ड और 17 यातायात कर्मी रह जाएंगे, यानि पहले की तुलना में यातायात व्यवस्था संभालने वालों की संख्या आधी रह जाएगी। शुगर मिलों का गन्ना पेराई सीजन भी 30 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। बायलर पूजन हो चुका है। ऐसे में यातायात कर्मियों की कमी के चलते शहर में जाम की भयंकर समस्या खड़ी हो सकती है। पिछले सत्र में भी गन्ना सीजन में कई बार शहर जाम रहा था और काफी हल्ला हुआ था। व्यापारियों ने भी जाम का असर कारोबार पर होने की बात कहकर विरोध जताया था।
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जाम की समस्या का नहीं निकला समाधान
पिछले पेराई सत्र में शहर में जाम के कारण सत्र समाप्त होने के बाद मिल प्रशासन, पालिका और पुलिस द्वारा समस्या के समाधान की बात कही गई थी। व्यापारियों ने शहर में पार्किंग का सुझाव दिया था, लेकिन इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये समस्या जस की तस है। ऐसे में इस बार यातायात कर्मी कम होने से यह समस्या ओर गहराने की संभावना है।
जिले से 216 होमगार्डस को हटाया जाएगा। इससे थानों और यातायात व्यवस्था में स्टाफ कम होगा, लेकिन प्रयास किया जाएगा कि आमजन को परेशानी ना हो। इसके वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जा रहा है।
अजय कुमार, एसपी, शामली
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शामली। पुलिस महकमे के बजट से काम कर रहे प्रदेश के ढाई हजार होमगार्ड हटाए गए हैं। जनपद के 216 होमगार्ड इसके दायरे में आए हैं। इनमें से 42 होमगार्ड और 17 पुलिस कर्मी शहर की यातायात व्यवस्था को संभाले हुए हैं। इनमें से पुलिस कोटे के 30 होमगार्ड हट जाएंगे। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा जाने की आसार है। मिलों का पेराई सीजन भी शुरू होने वाला है। ऐसे में शहर में जाम का संकट खड़ा हो सकता है।
जनपद में पुलिस बजट से कुल 216 होमगार्ड हैं, जो कलक्ट्रेट, पुलिस कार्यालय के अलावा जिले के अलग अलग थानों में तैनात हैं। इनमें 30 होमगार्ड शहर की यातायात व्यवस्था संभालने में लगे हैं, लेकिन अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद जनपद में तैनात 216 पुलिसकर्मी हट जाएंगे। ऐसे में थानों में तो स्टाफ की कमी होगी ही साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित होगी। यातायात प्रभारी भंवर सिंह के अनुसार शहर में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस के केवल 17 पुलिस कर्मी हैं। स्टाफ की कमी के चलते 42 होमगार्ड भी इसमें लगाए गए हैं।
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इनकी दो दो शिफ्ट में शहर में ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से पुलिस बजट कोटे के 30 पुलिस हटने के बाद अन्य माध्यम से तैनात 12 होमगार्ड और 17 यातायात कर्मी रह जाएंगे, यानि पहले की तुलना में यातायात व्यवस्था संभालने वालों की संख्या आधी रह जाएगी। शुगर मिलों का गन्ना पेराई सीजन भी 30 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। बायलर पूजन हो चुका है। ऐसे में यातायात कर्मियों की कमी के चलते शहर में जाम की भयंकर समस्या खड़ी हो सकती है। पिछले सत्र में भी गन्ना सीजन में कई बार शहर जाम रहा था और काफी हल्ला हुआ था। व्यापारियों ने भी जाम का असर कारोबार पर होने की बात कहकर विरोध जताया था।
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जाम की समस्या का नहीं निकला समाधान
पिछले पेराई सत्र में शहर में जाम के कारण सत्र समाप्त होने के बाद मिल प्रशासन, पालिका और पुलिस द्वारा समस्या के समाधान की बात कही गई थी। व्यापारियों ने शहर में पार्किंग का सुझाव दिया था, लेकिन इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये समस्या जस की तस है। ऐसे में इस बार यातायात कर्मी कम होने से यह समस्या ओर गहराने की संभावना है।
जिले से 216 होमगार्डस को हटाया जाएगा। इससे थानों और यातायात व्यवस्था में स्टाफ कम होगा, लेकिन प्रयास किया जाएगा कि आमजन को परेशानी ना हो। इसके वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जा रहा है।
अजय कुमार, एसपी, शामली