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रात के समय मीट प्लांट का निरिक्षण, दिए निर्देश
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कैराना। अवैध कटान पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कार्य योजना बनाई है। जिसके तहत मीट विक्रेताओं के लाइसेंस के साथ ही उनकी दुकानों पर मिलने वाले मीट की खरीदारी की रसीद चेक की जाएगी। साथ ही उक्त रसीदों का मीट फैक्टरी के बिक्री रजिस्टर से प्रतिदिन मिलान किया जाएगा।
सोमवार रात एसडीएम डॉ अमित पाल शर्मा और कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह कांधला रोड स्थित मीम एग्रो फुड प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचे। जहां अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों को बेचे जाने वाले मीट के रजिस्टर की जांच की। मीट फैक्टरी के संचालक को सख्त हिदायत दी गई कि जो भी दुकानदार उनसे मीट खरीदता हो तो उसका लाइसेंस नंबर और नाम आदि पूरी डिटेल समय तारीख के साथ रजिस्टर में दर्ज करें। बिना लाइसेंस धारी को मीट की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा बताया गया कि अगर मीट प्लांट के रजिस्टर में किसी दुकानदार का नाम नहीं पाया जाता है और उसकी दुकान पर मीट मिलता है तो ऐसे मीट को अवैध कटान मानकर कार्रवाई की होगी। पुलिस ने रजिस्टर में नाम नहीं मिलने पर रात्री में कुछ दुकानदारों के घरों पर जांच कराई। इसी को लेकर मंगलवार को कई मीट व्यापारी कोतवाली पहुंचे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मीट बेचने का लाइसेंस होने के साथ ही उनके पास मीट प्लाट की मीट खरीदने की रसीद होनी चाहिए। उनके पास मौजूद रसीद और मीट प्लांट के रजिस्टर को प्रतिदिन मिलान किया जाएगा। अगर मीट खरीदने की रसीद नही मिलती, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार रात एसडीएम डॉ अमित पाल शर्मा और कोतवाली प्रभारी भगवत सिंह कांधला रोड स्थित मीम एग्रो फुड प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचे। जहां अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों को बेचे जाने वाले मीट के रजिस्टर की जांच की। मीट फैक्टरी के संचालक को सख्त हिदायत दी गई कि जो भी दुकानदार उनसे मीट खरीदता हो तो उसका लाइसेंस नंबर और नाम आदि पूरी डिटेल समय तारीख के साथ रजिस्टर में दर्ज करें। बिना लाइसेंस धारी को मीट की बिक्री नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा बताया गया कि अगर मीट प्लांट के रजिस्टर में किसी दुकानदार का नाम नहीं पाया जाता है और उसकी दुकान पर मीट मिलता है तो ऐसे मीट को अवैध कटान मानकर कार्रवाई की होगी। पुलिस ने रजिस्टर में नाम नहीं मिलने पर रात्री में कुछ दुकानदारों के घरों पर जांच कराई। इसी को लेकर मंगलवार को कई मीट व्यापारी कोतवाली पहुंचे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मीट बेचने का लाइसेंस होने के साथ ही उनके पास मीट प्लाट की मीट खरीदने की रसीद होनी चाहिए। उनके पास मौजूद रसीद और मीट प्लांट के रजिस्टर को प्रतिदिन मिलान किया जाएगा। अगर मीट खरीदने की रसीद नही मिलती, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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