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स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने में लिया जाएगा डिग्री कॉलेजों के छात्रों का सहारा
Updated Sat, 26 May 2018 12:44 AM IST
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शामली। स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए अब डिग्री कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की मदद ली जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को स्वच्छ रखने के साथ ही ओडीएफ घोषित करने के लिए दो अक्तूबर तक लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे पूरा करने के लिए अभी करीब चार माह शेष है। कम समय में लक्ष्य को पूूरा करने के लिए शासन ने स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कार्यक्रम लांच किया है। इसमें प्रत्येक छात्र को कम से कम 100 घंटे का योगदान करना होगा।
डीपीआरओ अरुण ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। 31 जुलाई 2018 तक यह कार्यक्रम संचालित किया जाना है। जिस अवधि में प्रत्येक छात्र न्यूनतम 100 घंटे इंटर्नशिप करेगा। डिग्री कॉलेजों में पंजीकृत छात्र इसके लिए पात्र होंगे। कॉलेजों से ऐसे छात्रों को इंटर्नशिप से जोड़कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। ताकि शौचालय निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जा सकें। इंटर्नशिप के पंजीकरण और रिपोर्ट अपलोड करने के लिए पोर्टल बनाया गया है। इंटर्नशिप करने वाले छात्रों में अधिकाधिक प्रतियोगिता के लिए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय प्रचार अभियान चलाएगा। कार्यक्रम की अवधि में प्रतिभागियों की गतिविधियों को दो कलस्टर सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों में श्रेणीबद्घ किया गया है। सीडीओ रेणू तिवारी का कहना है कि इंटर्नशिप के जरिए युवकों को और ग्रामीण भारत को स्वच्छता के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाना है। गांव तक स्वच्छता सुविधाओं का सृजन कराना प्राथमिकता है। इससे स्वच्छ भारत के लक्ष्य को पूरा करने में तेजी आएगी। छात्रों को इंटर्नशिप कार्यक्रम से जोड़ने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए है। वहीं इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के बीच जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। जिसमें सफल छात्रों को जिला प्रशासन की ओर से अवार्ड भी दिया जाएगा। जबकि छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर अवार्ड हासिल कर सकेगा।
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डीपीआरओ अरुण ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय ने स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। 31 जुलाई 2018 तक यह कार्यक्रम संचालित किया जाना है। जिस अवधि में प्रत्येक छात्र न्यूनतम 100 घंटे इंटर्नशिप करेगा। डिग्री कॉलेजों में पंजीकृत छात्र इसके लिए पात्र होंगे। कॉलेजों से ऐसे छात्रों को इंटर्नशिप से जोड़कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। ताकि शौचालय निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जा सकें। इंटर्नशिप के पंजीकरण और रिपोर्ट अपलोड करने के लिए पोर्टल बनाया गया है। इंटर्नशिप करने वाले छात्रों में अधिकाधिक प्रतियोगिता के लिए पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय प्रचार अभियान चलाएगा। कार्यक्रम की अवधि में प्रतिभागियों की गतिविधियों को दो कलस्टर सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों में श्रेणीबद्घ किया गया है। सीडीओ रेणू तिवारी का कहना है कि इंटर्नशिप के जरिए युवकों को और ग्रामीण भारत को स्वच्छता के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाना है। गांव तक स्वच्छता सुविधाओं का सृजन कराना प्राथमिकता है। इससे स्वच्छ भारत के लक्ष्य को पूरा करने में तेजी आएगी। छात्रों को इंटर्नशिप कार्यक्रम से जोड़ने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए है। वहीं इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के बीच जिला स्तरीय प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। जिसमें सफल छात्रों को जिला प्रशासन की ओर से अवार्ड भी दिया जाएगा। जबकि छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर अवार्ड हासिल कर सकेगा।
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