फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   21 women became inspiration for others by preparing sugarcane seeds from organic fertilizer

Shamli News: जैविक खाद से गन्ने का बीज तैयार कर दूसरों के लिए प्रेरणा बनीं 21 महिलाएं

Sun, 17 Sep 2023 03:03 PM IST
मेरठ ब्यूरो महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 17 Sep 2023 03:03 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के शामली की महिलाएं खेती को रासायनिक उवर्रकों से बचाने में अपना योगदान दे रही हैं। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर जैविक खाद से गन्ने का उन्नत बीच तैयार कर किसानों को गन्ने की पौध उपलब्ध करा रही हैं।

विज्ञापन
21 women became inspiration for others by preparing sugarcane seeds from organic fertilizer
किशोरपुर गांव में खाद से गन्ने का बीज करती करती महिलाएं। फोटो: स्वयं किसान। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के शामली में खेती में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने वाले किसानों के लिए किशोरपुर गांव की सुमन और उनके साथ जुड़ी अन्य 20 महिलाएं किसी प्रेरणा से कम नहीं है। सुमन सैनी की पहल पर महिलाओं का एक ग्रुप पिछले चार साल से जैविक खाद से गन्ने का बीज तैयार कर किसानों को सेहतमंद और रोगमुक्त गन्ने की पौध उपलब्ध करा रही हैं।
विज्ञापन


इसके लिए शुरुआत में महिलाओं ने जैविक गन्ने से तैयार नर्सरी खुद ही तैयार की थी तथा सफल होने पर अब हर साल दो लाख से अधिक पौध तैयार कर शामली के अलावा मुजफ्फरनगर के किसानों को उपलब्ध करा रही है। खास बात यह है कि ये महिलाएं विभिन्न गांवों में जाकर किसानों को जैविक खाद से तैयार की गई पौध के बारे में टिप्स दे रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारी भी इन महिलाओं को सम्मानित कर चुके हैं। 
विज्ञापन

गन्ना विभाग के सुपरवाइजर की सीख से शुरू किया था बीज तैयार करना
सुमन सैनी ने बताया कि वैसे तो वह पिछले करीब सात साल से करीब 10 बीघा जमीन पर खेती बाड़ी कर रही थी। मगर चार साल पहले गन्ना विभाग के सुपरवाइजर पहुंचे तथा उन्हें जैविक खाद से गन्ने की खाद तैयार करने की सलाह दी। जिस पर सुमन एनआरएलम से जुड़ी और ट्रेनिंग ली।

सबसे पहले ट्रायल के तौर पर अपने खेत में ही 14201 और 13235 गन्ना की किस्म का बीज ट्रायल के तौर पर लगाया। जिसका रिजल्ट सराहनीय रहा। अपने साथ 20 अन्य महिलाओं को भी जोड़ा। अब हर साल दो लाख से अधिक पौध तैयार कर रही हैं। पौध को शामली के अलावा अन्य स्थान पर भी किसानाें को उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बार महिलाओं ने पांच लाख से अधिक पौध तैयार करने की ठानी है।

महिलाएं विभिन्न गांवों में जाकर करती है जागरूक
सुमन के अलावा रीता, आसमा, रश्मि, मनीषा, रीता रानी, मोनिका, मुनेशा, कविता, अफसाना, रविता, संतलेस, विद्या, बलदेवी, कौशल, गोमती आदि किसानों को ट्रेनिंग देकर बीज तैयार करा रही है। किसान खुद भी ट्रेंड होकर जैविक खाद से तैयार बीज तैयार कर बुवाई कर रहे हैं।
 

बड़चिप विधि से तैयार किया जा रहा बीज
बड़ चिप विधि में सबसे पहले बड़ चिप मशीन से गन्ने का बड़ यानी आंख निकालते हैं। इसके बाद उसे उपचारित कर प्लास्टिक ट्रे के बने खानों में रखते हैं। ट्रे के खानों को वर्मी कम्पोस्ट या कोकोपिट से भरते हैं। अगर किसान के पास वर्मी कम्पोस्ट और कोकोपिट उपलब्ध नही हैं, तो सड़ी हुई पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ट्रे में बड़ की बुवाई करने के बाद फव्वारे से समय-समय पर हल्की सिंचाई करते हैं। सुमन के अनुसार ट्रे से नर्सरी पौध को सावधानी पूर्वक निकाल कर मुख्य खेत में निश्चित दूरी पर पौध का रोपण किया जाता है। इस तकनीक में किसान गन्ने के बीच में दलहनी, तिलहनी, सब्जी और नगदी फसलें आसानी से उगाकर अतिरिक्त लाभ ले सकते हैं।

रोगमुक्त होती है फसल
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. संदीप चौधरी और कृषि उपनिदेशक का कहना है कि रसायनिक खादों से तैयार हो रहे बीज न सिर्फ लोगों को बीमार करते हैं बल्कि मानव शरीर पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसी के चलते सरकार द्वारा जैविक खाद्य से निर्मित बीज को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed