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शिक्षामित्रों ने सीएस से की दस हजार का फैसला वापस लेने की मांग
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:32 AM IST
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शिक्षा मित्रों का बेमियादी धरना
शामली। प्रदेश सरकार की ओर से घोषित दस हजार रुपये के मानदेय से शिक्षा मित्रों का प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है। शिक्षा मित्रों ने फैसले का विरोध करते हुए फिर से शिक्षण कार्य छोड़कर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मित्रों ने कहा कि किसी भी सूरत में दस हजार रुपये मानदेय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बीएसए कार्यालय पर जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा व चैनपाल के नेेतृत्व में धरना शुरू किया गया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। बीएसए को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए अन्य मांग पूरी करने की मांग की गई। शिक्षामित्रों ने बुधवार को स्कूलों में कार्य बहिष्कार करते हुए बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बीएसए कार्यालय बनत में जनपद के 856 शिक्षामित्रों ने स्कूलों में तालाबंदी कर धरना दिया।शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल और मनोज शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार के आश्वासन पर हमारे शीर्ष प्रदेश नेतृत्व कर्ताओं ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने हमारी मांगो में से एक भी मांग नहीं मानी, जिससे शिक्षामित्रों के मन में प्रदेश सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। शिक्षामित्रों ने बीएसए चंद्रशेखर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश सरकार से समान कार्य समान वेतन, मृतक शिक्षामित्रों के आश्रितों को सहायता प्रदान करने और नौकरी देने, भर्ती में प्रतिवर्ष जब से शिक्षामित्र नियुक्त हुए तीन अंक प्रतिवर्ष व अधिकतम 30 अंक दिए जाने की मांग की है। शिक्षामित्रों ने जल्द से जल्द मांग पूरी न होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। अध्यक्षता आदित्य शर्मा व संचालन अमित ने किया। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पीएसी जवान और महिला व पुरुष कांस्टेबल व थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे। इस दौरान आदेश चौधरी, अमित, नीरज, बॉबी त्यागी, रेनू, लोकेश, तेजबीर, रेखा, मृदुला, सपना, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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शामली। प्रदेश सरकार की ओर से घोषित दस हजार रुपये के मानदेय से शिक्षा मित्रों का प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है। शिक्षा मित्रों ने फैसले का विरोध करते हुए फिर से शिक्षण कार्य छोड़कर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मित्रों ने कहा कि किसी भी सूरत में दस हजार रुपये मानदेय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बीएसए कार्यालय पर जिलाध्यक्ष प्रमोद शर्मा व चैनपाल के नेेतृत्व में धरना शुरू किया गया। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। बीएसए को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए अन्य मांग पूरी करने की मांग की गई। शिक्षामित्रों ने बुधवार को स्कूलों में कार्य बहिष्कार करते हुए बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बीएसए कार्यालय बनत में जनपद के 856 शिक्षामित्रों ने स्कूलों में तालाबंदी कर धरना दिया।शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल और मनोज शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार के आश्वासन पर हमारे शीर्ष प्रदेश नेतृत्व कर्ताओं ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। इसके बाद भी प्रदेश सरकार ने हमारी मांगो में से एक भी मांग नहीं मानी, जिससे शिक्षामित्रों के मन में प्रदेश सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। शिक्षामित्रों ने बीएसए चंद्रशेखर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश सरकार से समान कार्य समान वेतन, मृतक शिक्षामित्रों के आश्रितों को सहायता प्रदान करने और नौकरी देने, भर्ती में प्रतिवर्ष जब से शिक्षामित्र नियुक्त हुए तीन अंक प्रतिवर्ष व अधिकतम 30 अंक दिए जाने की मांग की है। शिक्षामित्रों ने जल्द से जल्द मांग पूरी न होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। अध्यक्षता आदित्य शर्मा व संचालन अमित ने किया। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पीएसी जवान और महिला व पुरुष कांस्टेबल व थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह आदि मौजूद रहे। इस दौरान आदेश चौधरी, अमित, नीरज, बॉबी त्यागी, रेनू, लोकेश, तेजबीर, रेखा, मृदुला, सपना, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
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