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जीएसटी लागू होने के बाद दो साल से दम तोड़ रहा शामली का रिम धुरा उद्योग
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आम बजट 2019 : रिम धुुुरा उद्यमियों को आस
इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। जीएसटी लागू होने और मंदी की मार से जिले का रिम धुरा उद्योग दम तोड़ रहा है। एक जिला एक उद्योग स्कीम के तहत भी रिम धुरा उद्योग को संजीवनी नहीं मिल पाई। शामली में करीब 18- 20 रिमधुरा उद्योग की इकाईयां होती थी। यहां के बुग्गी, ट्रैक्टर ट्राली के रिम उद्योग की हरियाणा तक डिमांड थी। सरकार द्वारा भैंसा-बुग्गी पर सब्सिडी खत्म कर देने के बाद रिम की मार्केट दम तोड़ गई। अब थ्रेसिंग में रिम धुरे का सिर्फ उपयोग हो रहा है। दो साल रिम धुरे पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से यह उद्योग दम तोड़ने लगा है। कई उद्यमी रिम धुरा का कारोबार छोड़कर दूसरे उद्योग से जुड़ गए हैं। आम बजट में रिम धुरा उद्यमियों को जीएसटी कम होने की आस है।
वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्टस से हाथ खींचे
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन व रिमधुरा उद्यमी वेदप्रकाश आर्य ने कहा कि सरकार पुराने उद्योगों को बढ़ावा नहीं दे रही है। भैंसा बुग्गी के रिम पर सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने से चीनी मिलों में गन्ना लाने के लिए लोग बुग्गी बनवाते थे। बुग्गी पर सरकार द्वारा सब्सिडी खत्म कर दिए जाने से रिम की डिमांड खत्म हो गई। किसानों ने खर्चा अधिक होने से भैंसा पालना बंद कर दिया। आमदनी घटने के कारण ट्रैक्टर ट्रालियों के रिम की डिमांड बढ़ी थी। अब रिम धुरा पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से पिछले दो सालों से यह उद्योग मंदी की मार झेल रहा है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट में शामिल रिम धुरा उद्योग के लिए 55 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति कराया था, किंतु मंदी की मार को देखते हुए प्रोजेक्ट पर काम करना बंद कर दिया है। शामली जिले मेेें रिम धुुरा उद्योग पर 70- 75 करोड़ रुपये का वार्षिक टन ओवर था, जो घटकर 40 करोड़ रुपये सालाना रह गया है।
रिमधुरा के प्रसिद्ध उद्यमी जेके जैन का कहना है कि मौजूदा दौर में शामली के रिम धुरा थ्रेसिंग मशीन में उपयोग हो रहा है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट ंमे चयनित रिम धुरा उद्योग को कोई अच्छा लाभ नहीं मिल पाया है। जिला महाप्रबंधक परमहंस मौर्य का कहना है कि चार उद्यमियों में से दो उद्यमियों को योजना में ऋण वितरित किया गया है।
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पचास फीसदी सालाना टर्न ओवर कम हुआ
एडीवी रिम धुरा निर्माता समिति के अध्यक्ष प्रवीण जैन का कहना है कि शामली जिले में बुग्गी, ट्राली रिम व थ्रेसिंग मशीन का कारोबार था। रिम धुरे पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से प्रभावित हुआ है। थ्रेसिंग रिम धुरा पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगने से सुधार होगा। रिम धुरा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भैंसा बुग्गी बैलगाड़ी रिम पर सब्सिडी दिए जाने, रिम धुरा उद्योग पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू करने की मांग की है।
मंदी की मार से बदला उद्योग का ट्रेड
------- रिम धुरा कारोबार छोड़कर हैरो डिस्क कारोबार करने वाले श्याम एग्रो इंडस्ट्रीज के स्वामी राधेश्याम जागिड ने बताया कि रिम धुरा की हरियाणा में मांग थी। 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से 80 प्रतिशत हरियाणा की मार्केट प्रभावित हुई है। ट्रैक्टरों की डिमांड कम होने से हैैैरो डिस्क कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
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इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। जीएसटी लागू होने और मंदी की मार से जिले का रिम धुरा उद्योग दम तोड़ रहा है। एक जिला एक उद्योग स्कीम के तहत भी रिम धुरा उद्योग को संजीवनी नहीं मिल पाई। शामली में करीब 18- 20 रिमधुरा उद्योग की इकाईयां होती थी। यहां के बुग्गी, ट्रैक्टर ट्राली के रिम उद्योग की हरियाणा तक डिमांड थी। सरकार द्वारा भैंसा-बुग्गी पर सब्सिडी खत्म कर देने के बाद रिम की मार्केट दम तोड़ गई। अब थ्रेसिंग में रिम धुरे का सिर्फ उपयोग हो रहा है। दो साल रिम धुरे पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से यह उद्योग दम तोड़ने लगा है। कई उद्यमी रिम धुरा का कारोबार छोड़कर दूसरे उद्योग से जुड़ गए हैं। आम बजट में रिम धुरा उद्यमियों को जीएसटी कम होने की आस है।
वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्टस से हाथ खींचे
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन व रिमधुरा उद्यमी वेदप्रकाश आर्य ने कहा कि सरकार पुराने उद्योगों को बढ़ावा नहीं दे रही है। भैंसा बुग्गी के रिम पर सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने से चीनी मिलों में गन्ना लाने के लिए लोग बुग्गी बनवाते थे। बुग्गी पर सरकार द्वारा सब्सिडी खत्म कर दिए जाने से रिम की डिमांड खत्म हो गई। किसानों ने खर्चा अधिक होने से भैंसा पालना बंद कर दिया। आमदनी घटने के कारण ट्रैक्टर ट्रालियों के रिम की डिमांड बढ़ी थी। अब रिम धुरा पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से पिछले दो सालों से यह उद्योग मंदी की मार झेल रहा है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट में शामिल रिम धुरा उद्योग के लिए 55 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति कराया था, किंतु मंदी की मार को देखते हुए प्रोजेक्ट पर काम करना बंद कर दिया है। शामली जिले मेेें रिम धुुरा उद्योग पर 70- 75 करोड़ रुपये का वार्षिक टन ओवर था, जो घटकर 40 करोड़ रुपये सालाना रह गया है।
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रिमधुरा के प्रसिद्ध उद्यमी जेके जैन का कहना है कि मौजूदा दौर में शामली के रिम धुरा थ्रेसिंग मशीन में उपयोग हो रहा है। वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट ंमे चयनित रिम धुरा उद्योग को कोई अच्छा लाभ नहीं मिल पाया है। जिला महाप्रबंधक परमहंस मौर्य का कहना है कि चार उद्यमियों में से दो उद्यमियों को योजना में ऋण वितरित किया गया है।
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पचास फीसदी सालाना टर्न ओवर कम हुआ
एडीवी रिम धुरा निर्माता समिति के अध्यक्ष प्रवीण जैन का कहना है कि शामली जिले में बुग्गी, ट्राली रिम व थ्रेसिंग मशीन का कारोबार था। रिम धुरे पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से प्रभावित हुआ है। थ्रेसिंग रिम धुरा पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगने से सुधार होगा। रिम धुरा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भैंसा बुग्गी बैलगाड़ी रिम पर सब्सिडी दिए जाने, रिम धुरा उद्योग पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू करने की मांग की है।
मंदी की मार से बदला उद्योग का ट्रेड
------- रिम धुरा कारोबार छोड़कर हैरो डिस्क कारोबार करने वाले श्याम एग्रो इंडस्ट्रीज के स्वामी राधेश्याम जागिड ने बताया कि रिम धुरा की हरियाणा में मांग थी। 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से 80 प्रतिशत हरियाणा की मार्केट प्रभावित हुई है। ट्रैक्टरों की डिमांड कम होने से हैैैरो डिस्क कारोबार भी प्रभावित हुआ है।