फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   माइंड रखे क्लियर, पानी से नहीं फैलता कैंसर

माइंड रखे क्लियर, पानी से नहीं फैलता कैंसर

Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
माइंड रखे क्लियर, पानी से नहीं फैलता कैंसर
शामली। साहब... प्रदूषित पानी हो चुका है, इस कारण गांव में कैंसर और हेपेटाईटिस जैसी बीमारी फैल रही है। जिले के कई गांवों में इस तरह के केस सामने आ रहे हैं। मगर चिकित्सकों का मानना है प्रदूषित पानी से किसी भी सूरत में ये बीमारियां नहीं हो सकती।
विज्ञापन

जिले के गांव डांगरौल, गंगेरू, अलीपुर, मामौर गांव में कैंसर से मौत होने की बात सामने आती रहती है। इसके लिए इन गांवों में हेपेटाईटिस के मरीज भी सौ से अधिक हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में कई बार गांव में प्रदूषित पानी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका मानना है कि प्रदूषित पानी के कारण कैंसर और हेपेटाईटिस जैसी खतरनाक बीमारी होती है। हाल ही में गांव गंगेरू में हुई कैंसर से मौत के मामले में भी दूषित पानी को ग्रामीण कारण बता रहे है। उधर, डॉक्टर इससे सहमत नहीं है। डाक्टरों का मानना है कि पानी के कारण कैंसर और हेपेटाईटिस बी और सी जैसी बीमारी नहीं हो सकती है। उधर, एसीएमओ डॉ. नेतराम के अनुसार पानी के कारण उल्टी, दस्त, टाइफाइड, खूनी दस्त, हेपेटाईटिस ए आदि बीमारियां होती है। यदि प्रदूषित पानी कोई पीता है तो इन बीमारियां का शिकार हो जाता है और ये यह समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण ये बीमारियां जानलेवा हो सकती है। उधर, सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि जिले में कही कैंसर और हेपेटाइटिस जैसी बीमारी होती है तो इसके लिए पानी को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन पानी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। फिर भी सभी शुद्घ पानी, उबालकर पीये ताकि अन्य बीमारियां से बचा जा सके।
विज्ञापन


उबालकर पानी पीएं और स्वस्थ रहे
डॉक्टरों के अनुसार हमेशा पानी को उबालकर पीना चाहिए। पानी को उबाले और उसके बाद उसे ठंडा होने दें। जब पानी सामान्य हो जाए तो उसे पीने के प्रयोग में लाए। यहां तक कि खाना पकाने में भी इसी पानी का प्रयोग करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैंसर एक ऑटोजनिक बीमारी
एसीएमओ ने बताया कि कैंसर एक ऑटोजनिक बीमारी है। इसके कई कारण हो सकते हैं। वंशानुगत इनमें प्रमुख है, लेकिन अभी तक इसका प्रमुख कारण निकलकर सामने नहीं आया है। जब यह शरीर में पनप रहा होता है तो शुरूआत में इसका पता चल जाए तो इलाज संभव है, लेकिन में रेयर केस ही है जिनमें इलाज हो पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed