{"_id":"5b142c314f1c1b214d8b4836","slug":"191528048689-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाफिज सैय्यद इनामुल हक के इंतकाल से शोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाफिज सैय्यद इनामुल हक के इंतकाल से शोक
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाफिज सैय्यद इनामुल हक का इंतकाल
कांधला।
गांव गंगेरू निवासी हाफिज सैय्यद इनामुल हक का इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल से मुस्लिम समाज में शोक छा गया। 82 वर्षीय सैय्यद इनामुल हक काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। परिजनों ने उन्हें कई दिन पूर्व दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके इंतकाल की खबर से मुस्लिम समाज के लोगों में शोक व्याप्त हो गया। हाफिज सैय्यद इनामुल हक गांव में ही कमगान मस्जिद में पेश इमाम रहे। ग्रामीणों ने बताया कि सैय्यद हाफिज इनामुल हक हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों में अपनी अलग पहचान रखते थे। उनके शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
विज्ञापन
कांधला।
गांव गंगेरू निवासी हाफिज सैय्यद इनामुल हक का इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल से मुस्लिम समाज में शोक छा गया। 82 वर्षीय सैय्यद इनामुल हक काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। परिजनों ने उन्हें कई दिन पूर्व दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार को उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके इंतकाल की खबर से मुस्लिम समाज के लोगों में शोक व्याप्त हो गया। हाफिज सैय्यद इनामुल हक गांव में ही कमगान मस्जिद में पेश इमाम रहे। ग्रामीणों ने बताया कि सैय्यद हाफिज इनामुल हक हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों में अपनी अलग पहचान रखते थे। उनके शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।