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डेंगू की प्राथमिक कड़ी ने ही तोड़ दी स्वास्थ्य कर्मियों की कमर
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:18 PM IST
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डेंगू के कारण काफी लोगों की सेहत प्रभावित
शामली। संक्रामक बीमारियों के कारण लोगों की मुसीबतें काफी बढ़ गई है। डेंगू के प्रकोप ने लोगों के सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग में ही तैनात छह लोगों में डेंगू के लक्षण सामने आए, जिनका उपचार किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति को गंभीर नहीं मान रहा है।
शामली जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव तथा शहरों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। इसके बावजूद डेंगू से पीड़ित मरीज इस बार प्राइवेट अस्पतालों में अपना उपचार कराया। एक प्राइवेट पैथोलॉजिस्ट के अनुसार बुखार के कुल मरीजों में से इस बार एक प्रतिशत एनएस1 रहे। समय रहते उनका उपचार करा लिया गया, जिस कारण उनकी जान बच सकी।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में मिले डेंगू के लक्षण
शामली के स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम आशुतोष पांडेय को एनएस1 की जांच में पुष्टि हुई थी, जिनका उपचार निजी अस्पताल में कराया गया। इसके अलावा सीएमओ ऑफिस में तैनात कनिष्ठ लिपिक अमित, पैथोलॉजी में तैनात महिला कर्मचारी जत्तो देवी, जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में तैनात कृष्ण कुमार, सरकारी अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट आरपी सेमवाल सहित कई अन्य कर्मचारियों को एनएस1 की जांच पॉजिटिव आई थी।
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आराम करें तरल पदार्थ पीएं
डाक्टर रमेश चंद्रा के अनुसार डेंगू की कोई दवाई नहीं है। यदि किसी को डेंगू हो जाता है तो उसको सबसे ज्यादा आराम की जरूरत होती है। इसके साथ ही तरल पदार्थ, जैसे जूस तथा अन्य समय-समय पर लेना पड़ता है। तीन-चार दिन बाद मरीज अपने-आप ठीक होने लगता है। सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि मरीज घबराए नहीं और न ही अपना धैर्य खोए।
कैसे करें डेंगू से बचाव
डेंगू से बचाव के लिए अपने घरों तथा आस-पास पानी जमा नहीं होने दे। इसके साथ ही आस-पास एंटी लार्वा का छिड़काव कराते रहें, ताकि मच्छर पैदा न हो। यदि किसी को बुखार और सिर में तेज दर्द हो तो सबसे पहले सरकारी अस्पताल में आकर अपने खून की जांच करा ले।
डेंगू की जांच सुविधा शामली में नहीं
यदि किसी को डेंगू हो जाए तो शामली में डेेंगू जांच की सुविधा तक नहीं है। हालांकि शामली में एनएस1 कार्ड टेस्ट किया जाता है। इसमें पॉजिटिव आने के बाद वह डेंगू का संभावित मरीज माना जाता है। इसके बाद उसकी आईजीजी और आईजीएम जांच करने के लिए मेरठ भेजा जाता है, जिसकी रिपोर्ट आने में करीब सात दिन लग जाते है।
अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई
जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर विनय कुमार ने बताया कि शामली में डेंगू के अब तक छह संभावित मरीज आए हैं। इसके अलावा एक मरीज इस बार डेंगू का सामने आया है। सभी संभावित मरीजों की जांच के लिए ब्लड मेरठ भेजा गया है, लेकिन अभी तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
डेंगू से बचाव जागरूकता है, साथ ही मरीज को आराम करना चाहिए, एनएस1 कार्ड टेस्ट संभावित मरीज है, जिसके बाद आईजीजी जांच की जाती है आईजीजी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ही डेंगू है।
-डाक्टर राजकुमार
सीएमओ शामली
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शामली। संक्रामक बीमारियों के कारण लोगों की मुसीबतें काफी बढ़ गई है। डेंगू के प्रकोप ने लोगों के सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विभाग में ही तैनात छह लोगों में डेंगू के लक्षण सामने आए, जिनका उपचार किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस स्थिति को गंभीर नहीं मान रहा है।
शामली जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव तथा शहरों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। इसके बावजूद डेंगू से पीड़ित मरीज इस बार प्राइवेट अस्पतालों में अपना उपचार कराया। एक प्राइवेट पैथोलॉजिस्ट के अनुसार बुखार के कुल मरीजों में से इस बार एक प्रतिशत एनएस1 रहे। समय रहते उनका उपचार करा लिया गया, जिस कारण उनकी जान बच सकी।
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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में मिले डेंगू के लक्षण
शामली के स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम आशुतोष पांडेय को एनएस1 की जांच में पुष्टि हुई थी, जिनका उपचार निजी अस्पताल में कराया गया। इसके अलावा सीएमओ ऑफिस में तैनात कनिष्ठ लिपिक अमित, पैथोलॉजी में तैनात महिला कर्मचारी जत्तो देवी, जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में तैनात कृष्ण कुमार, सरकारी अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट आरपी सेमवाल सहित कई अन्य कर्मचारियों को एनएस1 की जांच पॉजिटिव आई थी।
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आराम करें तरल पदार्थ पीएं
डाक्टर रमेश चंद्रा के अनुसार डेंगू की कोई दवाई नहीं है। यदि किसी को डेंगू हो जाता है तो उसको सबसे ज्यादा आराम की जरूरत होती है। इसके साथ ही तरल पदार्थ, जैसे जूस तथा अन्य समय-समय पर लेना पड़ता है। तीन-चार दिन बाद मरीज अपने-आप ठीक होने लगता है। सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि मरीज घबराए नहीं और न ही अपना धैर्य खोए।
कैसे करें डेंगू से बचाव
डेंगू से बचाव के लिए अपने घरों तथा आस-पास पानी जमा नहीं होने दे। इसके साथ ही आस-पास एंटी लार्वा का छिड़काव कराते रहें, ताकि मच्छर पैदा न हो। यदि किसी को बुखार और सिर में तेज दर्द हो तो सबसे पहले सरकारी अस्पताल में आकर अपने खून की जांच करा ले।
डेंगू की जांच सुविधा शामली में नहीं
यदि किसी को डेंगू हो जाए तो शामली में डेेंगू जांच की सुविधा तक नहीं है। हालांकि शामली में एनएस1 कार्ड टेस्ट किया जाता है। इसमें पॉजिटिव आने के बाद वह डेंगू का संभावित मरीज माना जाता है। इसके बाद उसकी आईजीजी और आईजीएम जांच करने के लिए मेरठ भेजा जाता है, जिसकी रिपोर्ट आने में करीब सात दिन लग जाते है।
अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई
जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर विनय कुमार ने बताया कि शामली में डेंगू के अब तक छह संभावित मरीज आए हैं। इसके अलावा एक मरीज इस बार डेंगू का सामने आया है। सभी संभावित मरीजों की जांच के लिए ब्लड मेरठ भेजा गया है, लेकिन अभी तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
डेंगू से बचाव जागरूकता है, साथ ही मरीज को आराम करना चाहिए, एनएस1 कार्ड टेस्ट संभावित मरीज है, जिसके बाद आईजीजी जांच की जाती है आईजीजी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ही डेंगू है।
-डाक्टर राजकुमार
सीएमओ शामली