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Shamli News: क्लेम न देने पर बीमा कंपनी पर 1.85 लाख का जुर्माना

Sat, 20 Sep 2025 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 20 Sep 2025 12:11 AM IST
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1.85 lakh fine on insurance company for not paying claim
शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली में भारतीय जीवन बीमा निगम पर बीमा क्लेम की धनराशि न देने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने बीमा कंपनी पर एक लाख 85 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
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गांव ब्रह्मखेड़ा निवासी बरखा देवी ने 11 जुलाई 2023 को आयोग में भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा शामली के प्रबंधक, अभिकर्ता सत्तार और बीमा निगम के सर्किल हेड ऑफिस मेरठ के विरुद्ध परिवाद दायर कराया। परिवादी ने बताया कि उसने अभिकर्ता के माध्यम से भारतीय जीवन बीमा निगम से अपने पति बीरसेन की जीवन बीमा पॅालिसी 21 जून 2014 को एक लाख 25 हजार रुपये की स्वीकृत कराई थी, जिसमें वह नॉमिनी थी।
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पॉलिसी भविष्य में होने वाली दुर्घटना एवं क्लेम आदि का लाभ लेने के लिए करवाई थी, जो 21 जून 2028 तक वैध है। उनके पति समय-समय पर किस्तों का भुगतान करते रहें, लेकिन वह बीमार हो गए और 28 मई 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। उसने अभिकर्ता से क्लेम क्लेम के लिए संपर्क किया और सभी मूल कागजात उपलब्ध कराए।
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परिवादी का कहना है कि जब भी वह अभिकर्ता से मिली तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही क्लेम की धनराशि दी गई और उल्टा उनसे कहा गया कि उनके पति की मृत्यु बीमारी के कारण हुई है, इस पर कोई क्लेम राशि नहीं मिल सकती।
परिवादी का कहना है कि क्लेम पास करने के कि लिए सुविधा शुल्क की मांग की गई। उसने असमर्थता जाहिर की तो अभिकर्ता ने तंग व परेशान करने के लिए इधर-उधर दौड़ाया। इसके बाद परिवादी ने एलआईसी के शाखा प्रबंधक से कई बार संपर्क किया लेकिन उन्होंने भी कोई कार्यवाही नहीं की। उसने नोटिस भेजा तो जवाब में बीमारी का बहाना बनाकर क्लेम देने से मना कर दिया।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद पर सुनवाई के बाद आदेश में कहा कि परिवादी अपने वाद को सिद्ध करने में सफल रहा है। तीनों विपक्षी बीमा कंपनी को आदेशित किया कि वह परिवादी को बीमा क्लेम में वर्णित धनराशि एक लाख 25 हजार रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज, बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से भुगतान की तिथि तद दें।

परिवादी को हुई आर्थिक, मानसिक, शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 25 हजार रुपये और परिवाद व्यय के दस हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।
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