{"_id":"5aa02c464f1c1b462c8bbc1e","slug":"181520446534-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभागीय जांच में दोषी पाए गए कांधला चिकित्साधीक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभागीय जांच में दोषी पाए गए कांधला चिकित्साधीक्षक
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली।
कांधला सीएचसी पर समीक्षा बैठक के दौरान एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार और चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा के बीच हुई मारपीट के मामले में गठित तीन सदस्यीय टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में डॉक्टर रमेश चंद्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। सीएमओ ऑफिस से जांच रिपोर्ट सहायक निदेशक (स्वास्थ्य) को भेज दी गई है।
सोमवार को कांधला सीएचसी पर हुई घटना के संबंध में सहायक निदेशक (स्वास्थ्य) के निर्देश पर सीएमओ डॉक्टर राजकुमार सिंह ने वरिष्ठ एसीएमओ डॉक्टर एके सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई। मंगलवार को मामले की जांच की गई। इस दौरान टीम ने सीएचसी कांधला के चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा से बात की। उसके बाद टीम ने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों से बात की। जांच टीम ने एसीएमओ डाक्टर सुशील का बयान भी दर्ज किया। जांच में सामने आया कि एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार एनएचएम के कार्यों का निर्वहन कर रहे है। जिला स्वास्थ्य समिति व उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी रमेश चंद्रा से रिकार्ड मांगा, जिस पर उन्होंने रिकार्ड नहीं दिखाया और मारपीट की गई। घटना के समय वहां मौजूद तीन बाहरी व्यक्तियों ने भी मारपीट की। जांच में बताया कि विभागीय कार्यक्रमों की गुणवत्ता एवं उपलब्धि को बनाए रखने के लिए तथा इस तरह की घटना पर अंकुश लगाने के लिए जांच में दोषी चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई। सीएमओ डाक्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट सहायक निदेशक (स्वास्थ्य) को भेज दी गई है।
जांच में व्यवधान डालने का भी प्रयास
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मंगलवार को जब जांच टीम पहुंची तो चिकित्साधीक्षक द्वारा जांच में व्यवधान डालने और दबाव बनाने के लिए महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मौके पर बुलवा लिया गया। जबकि महिला स्वास्थ्य कर्मी प्रत्येक मंगलवार को नौ बजे से चार बजे तक स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कार्य करती हैं। साथ ही कहा गया है कि ऐसी घटना होने से जिला स्तरीय अधिकारियों में कुशलता पूर्वक कार्य करने में कठिनाई उत्पन्न होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांधला सीएचसी पर समीक्षा बैठक के दौरान एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार और चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा के बीच हुई मारपीट के मामले में गठित तीन सदस्यीय टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में डॉक्टर रमेश चंद्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। सीएमओ ऑफिस से जांच रिपोर्ट सहायक निदेशक (स्वास्थ्य) को भेज दी गई है।
सोमवार को कांधला सीएचसी पर हुई घटना के संबंध में सहायक निदेशक (स्वास्थ्य) के निर्देश पर सीएमओ डॉक्टर राजकुमार सिंह ने वरिष्ठ एसीएमओ डॉक्टर एके सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई। मंगलवार को मामले की जांच की गई। इस दौरान टीम ने सीएचसी कांधला के चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा से बात की। उसके बाद टीम ने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों से बात की। जांच टीम ने एसीएमओ डाक्टर सुशील का बयान भी दर्ज किया। जांच में सामने आया कि एसीएमओ डाक्टर सुशील कुमार एनएचएम के कार्यों का निर्वहन कर रहे है। जिला स्वास्थ्य समिति व उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी रमेश चंद्रा से रिकार्ड मांगा, जिस पर उन्होंने रिकार्ड नहीं दिखाया और मारपीट की गई। घटना के समय वहां मौजूद तीन बाहरी व्यक्तियों ने भी मारपीट की। जांच में बताया कि विभागीय कार्यक्रमों की गुणवत्ता एवं उपलब्धि को बनाए रखने के लिए तथा इस तरह की घटना पर अंकुश लगाने के लिए जांच में दोषी चिकित्साधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई। सीएमओ डाक्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट सहायक निदेशक (स्वास्थ्य) को भेज दी गई है।
विज्ञापन
जांच में व्यवधान डालने का भी प्रयास
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मंगलवार को जब जांच टीम पहुंची तो चिकित्साधीक्षक द्वारा जांच में व्यवधान डालने और दबाव बनाने के लिए महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मौके पर बुलवा लिया गया। जबकि महिला स्वास्थ्य कर्मी प्रत्येक मंगलवार को नौ बजे से चार बजे तक स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कार्य करती हैं। साथ ही कहा गया है कि ऐसी घटना होने से जिला स्तरीय अधिकारियों में कुशलता पूर्वक कार्य करने में कठिनाई उत्पन्न होगी।
विज्ञापन