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प्रोजेक्ट नहीं अब क्लास वर्क बताएगा विद्यार्थी का प्रदर्शन
Updated Mon, 11 Sep 2017 01:11 AM IST
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शामली।
सीबीएसई के छात्र-छात्राओं को अब प्रोजेक्ट में माथा पच्ची नहीं करनी पड़ेगी। प्रोजेक्ट के स्थान पर अब लिखित काम से विद्यार्थी के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। पहले 60 अंक की लिखित परीक्षा और 40 अंक में प्रोजेक्ट, क्लास वर्क, क्लास टेस्ट होता था। जिसमें 20 अंक के प्रोजेक्ट होते थे और पूरे साल प्रोजेक्ट बनाने के चक्कर मेें विद्यार्थी लिखित के काम पर कम ध्यान दे पाते थे। लिखित में उनकी परफोरमेंस पिछड़ने से अधिकांश विद्यार्थी बाजार से प्रोजेक्ट तैयार कराकर कोरम पूरा कराते थे। यह व्यवस्था कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए की गई है।
शहर के सिल्वर बेल्स स्कूल के प्रधानाचार्य एके गोयल ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों में लिखित परीक्षा में पिछड़ेपन को देखते हुए मानव संसाधन मंत्रालय ने नए सत्र से 80 अंक लिखित परीक्षा, 20 अंक में प्रोजेक्ट, क्लास वर्क और टेस्ट के लिए निर्धारित किए हैं। जिसमें 20 अंक में से पांच अंक ही प्रोजेक्ट के होंगे। लिखित कार्य पर ज्यादा जोर देने के लिए एक कारण यह भी है कि विद्यार्थी प्रोजेक्ट को बाजार से बनवाकर अच्छे अंक हासिल कर लेते थे, लेकिन प्रोजेक्ट के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होती थी। अभी तक 40 अंक में 20 अंक का प्रोजेक्ट, 10 अंक के क्लास टेस्ट और 10 अंक का क्लास वर्ग होता था।
अब नए सत्र से 80 अंक की लिखित परीक्षा, पांच अंक प्रोजेक्ट, पांच अंक क्लास वर्क और 10 अंकों के टेस्ट होंगे। जिससे विद्यार्थी स्कूल में तैयार नोट्स पर ध्यान दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले यह व्यवस्था कक्षा 9 और 10 के लिए की गई थी। लेकिन अब कक्षा 6 से लेकर 10 तक की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कर दी गई।
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सीबीएसई के छात्र-छात्राओं को अब प्रोजेक्ट में माथा पच्ची नहीं करनी पड़ेगी। प्रोजेक्ट के स्थान पर अब लिखित काम से विद्यार्थी के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। पहले 60 अंक की लिखित परीक्षा और 40 अंक में प्रोजेक्ट, क्लास वर्क, क्लास टेस्ट होता था। जिसमें 20 अंक के प्रोजेक्ट होते थे और पूरे साल प्रोजेक्ट बनाने के चक्कर मेें विद्यार्थी लिखित के काम पर कम ध्यान दे पाते थे। लिखित में उनकी परफोरमेंस पिछड़ने से अधिकांश विद्यार्थी बाजार से प्रोजेक्ट तैयार कराकर कोरम पूरा कराते थे। यह व्यवस्था कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए की गई है।
शहर के सिल्वर बेल्स स्कूल के प्रधानाचार्य एके गोयल ने बताया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों में लिखित परीक्षा में पिछड़ेपन को देखते हुए मानव संसाधन मंत्रालय ने नए सत्र से 80 अंक लिखित परीक्षा, 20 अंक में प्रोजेक्ट, क्लास वर्क और टेस्ट के लिए निर्धारित किए हैं। जिसमें 20 अंक में से पांच अंक ही प्रोजेक्ट के होंगे। लिखित कार्य पर ज्यादा जोर देने के लिए एक कारण यह भी है कि विद्यार्थी प्रोजेक्ट को बाजार से बनवाकर अच्छे अंक हासिल कर लेते थे, लेकिन प्रोजेक्ट के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होती थी। अभी तक 40 अंक में 20 अंक का प्रोजेक्ट, 10 अंक के क्लास टेस्ट और 10 अंक का क्लास वर्ग होता था।
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अब नए सत्र से 80 अंक की लिखित परीक्षा, पांच अंक प्रोजेक्ट, पांच अंक क्लास वर्क और 10 अंकों के टेस्ट होंगे। जिससे विद्यार्थी स्कूल में तैयार नोट्स पर ध्यान दे पाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले यह व्यवस्था कक्षा 9 और 10 के लिए की गई थी। लेकिन अब कक्षा 6 से लेकर 10 तक की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कर दी गई।
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