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सोनू- सोनिया तीन बच्चियों के साथ रिक्शा से लाए कांवड़
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:43 AM IST
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सोनू- सोनिया तीन बच्चियों के साथ रिक्शा से लाए कांवड़
शामली। आस्था की डगर पर चलते हुए कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में भोलेनाथ में आस्था की डोर से बंधा सोनू करीब 18 साल से कांवड़ ला रहा है। जब वह 12 साल का था, तब से कांवड़ ला रहा है। अब वह अपने बच्चों के साथ कांवड़ लेकर आया है।
पानीपत निवासी सोनू की शादी को आठ वर्ष पूर्व हुई थी। पहले वह अकेले कांवड़ लाता था। शादी होने के बाद से वह रिक्शा चलाने लगा और हर साल अपनी पत्नी सोनिया के साथ रिक्शा से ही कांवड़ लानी शुरू कर दी है। सोनू का कहना है कि उसने कोई मन्नत नहीं मांगी, मगर भगवान आशुतोष में आस्था है। इसी आस्था के चलते वह हर साल हरिद्वार से कांवड़ लाता है और पानीपत में शिवालय पर जलाभिषेक करता है। सोनू ने बताया कि इस बार उसके साथ तीन बेटियां भी कांवड़ लेकर आई। उसने बताया कि वह पानीपत से हरिद्वार तक रिक्शा से छह दिन में आना जाना करता है। वह इस बार 14 जुलाई को घर से निकला था। 20 जुलाई को पानीपत पहुंच जाएगा। 21 जुलाई को वह शिवरात्रि को मंदिर में परिवार सहित जलाभिषेक करेगा। उनका कहना है कि वह जब तक जीवित रहेगा, बिना किसी इच्छा के परिवार सहित रिक्शा से कांवड़ लाता रहेगा।
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शामली। आस्था की डगर पर चलते हुए कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में भोलेनाथ में आस्था की डोर से बंधा सोनू करीब 18 साल से कांवड़ ला रहा है। जब वह 12 साल का था, तब से कांवड़ ला रहा है। अब वह अपने बच्चों के साथ कांवड़ लेकर आया है।
पानीपत निवासी सोनू की शादी को आठ वर्ष पूर्व हुई थी। पहले वह अकेले कांवड़ लाता था। शादी होने के बाद से वह रिक्शा चलाने लगा और हर साल अपनी पत्नी सोनिया के साथ रिक्शा से ही कांवड़ लानी शुरू कर दी है। सोनू का कहना है कि उसने कोई मन्नत नहीं मांगी, मगर भगवान आशुतोष में आस्था है। इसी आस्था के चलते वह हर साल हरिद्वार से कांवड़ लाता है और पानीपत में शिवालय पर जलाभिषेक करता है। सोनू ने बताया कि इस बार उसके साथ तीन बेटियां भी कांवड़ लेकर आई। उसने बताया कि वह पानीपत से हरिद्वार तक रिक्शा से छह दिन में आना जाना करता है। वह इस बार 14 जुलाई को घर से निकला था। 20 जुलाई को पानीपत पहुंच जाएगा। 21 जुलाई को वह शिवरात्रि को मंदिर में परिवार सहित जलाभिषेक करेगा। उनका कहना है कि वह जब तक जीवित रहेगा, बिना किसी इच्छा के परिवार सहित रिक्शा से कांवड़ लाता रहेगा।
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