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राहत पैकेज की मांग को लेकर 18 नवंबर से व्यापारी आंदोलन करेगा--
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राहत पैकेज की मांग को लेकर 18 से व्यापारी करेगा आंदोलन
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की प्रदेश के सभी जिलों के व्यापारियों की ऑनलाइन वर्चुअल प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि यदि सरकार छोटे व्यापारियों एवं कारोबारियों को अपने कारोबार चलाने के लिए 16 नवंबर तक कोई राहत पैकेज की घोषणा नहीं करती है, तो 18 से राहत पैकेज जारी करने की मांग को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रथम चरण में 18 नवंबर को प्रदेश के व्यापारी अपने-अपने जिलों में धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन अपने-अपने जिलों के डीएम को सौंपेंगे।
शनिवार को 42 जिलों की व्यापारियों की ऑनलाइन वर्चुअल प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि कोरोना संकटकाल की छह माह की अवधि में प्रदेश के व्यापारियों की चरमराई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा कोई भी राहत पैकेज जारी ना कर रही है। आज देश व प्रदेश का व्यापारियों की अर्थव्यवस्था चौपट होने से संकट में है। कारोबार पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। सरकार ने छोटे कारोबारियों के लिए किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके निर्णय लिया है कि यदि सरकार छोटे व्यापारियों एवं कारोबारियों को अपने कारोबार चलाने के लिए 16 नवंबर तक कोई राहत पैकेज की घोषणा नहीं करती है, तो 18 नवंबर से राहत पैकेज जारी करने की मांग को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू होगा। प्रथम चरण में 18 नवंबर को प्रदेश के व्यापारी अपने-अपने जिलों में धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन अपने-अपने जिलों के डीएम को सौंपेंगे। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन माह का बिजली का बिल ; तीन माह का बैंकों का ब्याज, तीन माह की ईएमआई माफ करने की जिम्मेदारी की सरकार से मांग की जाएगी। बैठक में व्यापारियों ने सभी महत्वपूर्ण ट्रेनें चलाने, कामर्शियल विद्युत दरें कम करके उन्हें घरेलू दरों के बराबर करने का मुद्दा भी उठाया। व्यापारियों ने 60 वर्ष से ऊपर की आयु के व्यापारियों के लिए तत्काल प्रभाव से पेंशन योजना लागू करने, व्यापारियों के स्टॉक का बीमा योजना लागू करने, मंडी समिति शुल्क समाप्त करने का मुद्दा भी उठाया।
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शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की प्रदेश के सभी जिलों के व्यापारियों की ऑनलाइन वर्चुअल प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि यदि सरकार छोटे व्यापारियों एवं कारोबारियों को अपने कारोबार चलाने के लिए 16 नवंबर तक कोई राहत पैकेज की घोषणा नहीं करती है, तो 18 से राहत पैकेज जारी करने की मांग को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रथम चरण में 18 नवंबर को प्रदेश के व्यापारी अपने-अपने जिलों में धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन अपने-अपने जिलों के डीएम को सौंपेंगे।
शनिवार को 42 जिलों की व्यापारियों की ऑनलाइन वर्चुअल प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि कोरोना संकटकाल की छह माह की अवधि में प्रदेश के व्यापारियों की चरमराई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा कोई भी राहत पैकेज जारी ना कर रही है। आज देश व प्रदेश का व्यापारियों की अर्थव्यवस्था चौपट होने से संकट में है। कारोबार पटरी पर लाने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। सरकार ने छोटे कारोबारियों के लिए किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके निर्णय लिया है कि यदि सरकार छोटे व्यापारियों एवं कारोबारियों को अपने कारोबार चलाने के लिए 16 नवंबर तक कोई राहत पैकेज की घोषणा नहीं करती है, तो 18 नवंबर से राहत पैकेज जारी करने की मांग को लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू होगा। प्रथम चरण में 18 नवंबर को प्रदेश के व्यापारी अपने-अपने जिलों में धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन अपने-अपने जिलों के डीएम को सौंपेंगे। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन माह का बिजली का बिल ; तीन माह का बैंकों का ब्याज, तीन माह की ईएमआई माफ करने की जिम्मेदारी की सरकार से मांग की जाएगी। बैठक में व्यापारियों ने सभी महत्वपूर्ण ट्रेनें चलाने, कामर्शियल विद्युत दरें कम करके उन्हें घरेलू दरों के बराबर करने का मुद्दा भी उठाया। व्यापारियों ने 60 वर्ष से ऊपर की आयु के व्यापारियों के लिए तत्काल प्रभाव से पेंशन योजना लागू करने, व्यापारियों के स्टॉक का बीमा योजना लागू करने, मंडी समिति शुल्क समाप्त करने का मुद्दा भी उठाया।
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