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प्रदेश का बजट, उद्यमियों ने सराहा, किसानों ने नकारा
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:52 PM IST
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शामली। उत्तर प्रदेश सरकार के आम बजट को लेकर उद्यमी, व्यापारी और किसानों के साथ ही विपक्षी नेताओं से बात हुई, तो उद्यमियों ने बजट को सराहनीय बताया। नई औद्योगिक नीति और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में बजट घोषित होने से शामली के रिम धुरा उद्योग से जुड़े उद्यमियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, व्यापारी, किसान नेता और विपक्षी नेताओं ने बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
रिम धुरा उद्योग को मिलेगा फायदा : आर्य
आईआईए शामली के चेयरमैन वेदप्रकाश आर्य का कहना है कि प्रदेश सरकार ने जो बजट पेश किया, उसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में रिम धुरा उद्योग भी आता है। उसके लिए 250 करोड़ की घोषणा सभी जिलों के लिए की है, जिसमें शामली जिले के रिम धुरा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि रिम धुरा उद्योग सबसे पुराना उद्योग है तथा कृषि और किसानों से जुड़ा हुआ है। इसका लाभ मिलने पर कलस्टर योजना शुरू हो सकती है। कच्चे माल को प्राप्त करने में दिक्कत दूर हो सकती है।
- सराहनीय है प्रदेश सरकार का बजट : बंसल
आईआईए शामली के संरक्षक अशोक बंसल का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट सराहनीय है। उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक नीति में 500 करोड़ और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में 250 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है, जिसका फायदा शामली जिले के उद्यमियों को भी मिलेगा।
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- उद्योगों के लिए अच्छा है बजट
शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बहुत अच्छा बजट पेश किया है। औद्योगिक नीति के लिए 500 करोड़ की घोषणा सहित उद्यमियों कई घोषणा हुई, जिससे उद्यमी जगत के लिए प्रदेश सरकार का सराहनीय कदम है।
- हर वर्ग के ध्यान में रखकर बना बजट : निर्वाल
शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट किसान, महिला और व्यापारी हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा और शहरी आवास योजनाओं के लिए रखे गए बजट से हर जिले को लाभ मिलेगा।
- व्यापारियों के हित में कोई घोषणा नहीं : गर्ग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग का कहना है कि प्रदेश सरकार के बजट में व्यापारियों के हित में कोई योजना नहीं है, जो कष्टदायी है। व्यापारी दुर्घटना जीवन बीमा योजना पांच से बढ़ाकर दस लाख होनी चाहिए थी। शामली जिला मुख्यालय के लिए भी बजट नहीं मिला।
- बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनदेखी : पंवार
उत्तर प्रदेश योजना आयोग के पूर्व सदस्य एवं सपा नेता प्रोफेसर सुधीर पंवार का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है। शामली जिले को बजट में अलग से कुछ नहीं मिला। लावारिस जानवरों के लिए केवल 99 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जो नाकाफी है। बजट में छुआ सभी समस्याओं को है, लेकिन दिशा का अभाव है। किसानों की आय दोगुना करने की घोषणा की गई है, लेकिन गेहूं के सरकारी मूल्य पर बोनस की घोषणा नहीं हुई, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने प्रति क्विंटल 200 रुपये की व्यवस्था की है।
- किसानों की आय दोगुना करने पर गंभीरता नहीं : वारिस
पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुना करना चाहती है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 75 प्रतिशत किसान गन्ने से जुड़ा है। परन्तु इसके उन्नतशील बीज, तकनीक और चीनी की रिकवरी बढ़ाने पर ध्यान नहीं है। प्रदेश में अल्पसंख्यकों के कल्याण एवं विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपये व्यय का प्रस्ताव सराहनीय है।
- किसान विरोधी है बजट : मलिक
भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय महासचिव अनिल मलिक का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का बजट किसान विरोधी होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए निराशाजनक है। आलू की फसल की खरीद की कोई व्यवस्था नहीं है, गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिन में नहीं हो रहा। पशुपालन पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया और लघु दूध उद्योग पर सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास और सिंचाई के लिए नहर परियोजना को मंजूरी नहीं दी गई है।
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रिम धुरा उद्योग को मिलेगा फायदा : आर्य
आईआईए शामली के चेयरमैन वेदप्रकाश आर्य का कहना है कि प्रदेश सरकार ने जो बजट पेश किया, उसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में रिम धुरा उद्योग भी आता है। उसके लिए 250 करोड़ की घोषणा सभी जिलों के लिए की है, जिसमें शामली जिले के रिम धुरा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि रिम धुरा उद्योग सबसे पुराना उद्योग है तथा कृषि और किसानों से जुड़ा हुआ है। इसका लाभ मिलने पर कलस्टर योजना शुरू हो सकती है। कच्चे माल को प्राप्त करने में दिक्कत दूर हो सकती है।
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- सराहनीय है प्रदेश सरकार का बजट : बंसल
आईआईए शामली के संरक्षक अशोक बंसल का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट सराहनीय है। उद्यमियों के लिए नई औद्योगिक नीति में 500 करोड़ और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में 250 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है, जिसका फायदा शामली जिले के उद्यमियों को भी मिलेगा।
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- उद्योगों के लिए अच्छा है बजट
शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बहुत अच्छा बजट पेश किया है। औद्योगिक नीति के लिए 500 करोड़ की घोषणा सहित उद्यमियों कई घोषणा हुई, जिससे उद्यमी जगत के लिए प्रदेश सरकार का सराहनीय कदम है।
- हर वर्ग के ध्यान में रखकर बना बजट : निर्वाल
शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट किसान, महिला और व्यापारी हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कृषि विज्ञान केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा और शहरी आवास योजनाओं के लिए रखे गए बजट से हर जिले को लाभ मिलेगा।
- व्यापारियों के हित में कोई घोषणा नहीं : गर्ग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग का कहना है कि प्रदेश सरकार के बजट में व्यापारियों के हित में कोई योजना नहीं है, जो कष्टदायी है। व्यापारी दुर्घटना जीवन बीमा योजना पांच से बढ़ाकर दस लाख होनी चाहिए थी। शामली जिला मुख्यालय के लिए भी बजट नहीं मिला।
- बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनदेखी : पंवार
उत्तर प्रदेश योजना आयोग के पूर्व सदस्य एवं सपा नेता प्रोफेसर सुधीर पंवार का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनदेखी की गई है। शामली जिले को बजट में अलग से कुछ नहीं मिला। लावारिस जानवरों के लिए केवल 99 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जो नाकाफी है। बजट में छुआ सभी समस्याओं को है, लेकिन दिशा का अभाव है। किसानों की आय दोगुना करने की घोषणा की गई है, लेकिन गेहूं के सरकारी मूल्य पर बोनस की घोषणा नहीं हुई, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने प्रति क्विंटल 200 रुपये की व्यवस्था की है।
- किसानों की आय दोगुना करने पर गंभीरता नहीं : वारिस
पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुना करना चाहती है, लेकिन किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 75 प्रतिशत किसान गन्ने से जुड़ा है। परन्तु इसके उन्नतशील बीज, तकनीक और चीनी की रिकवरी बढ़ाने पर ध्यान नहीं है। प्रदेश में अल्पसंख्यकों के कल्याण एवं विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपये व्यय का प्रस्ताव सराहनीय है।
- किसान विरोधी है बजट : मलिक
भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के राष्ट्रीय महासचिव अनिल मलिक का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का बजट किसान विरोधी होने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए निराशाजनक है। आलू की फसल की खरीद की कोई व्यवस्था नहीं है, गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिन में नहीं हो रहा। पशुपालन पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया और लघु दूध उद्योग पर सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास और सिंचाई के लिए नहर परियोजना को मंजूरी नहीं दी गई है।