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मामौर झील के सौन्दर्यीकरण की परियोजना बनाएं: डीएम
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:03 AM IST
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शामली।
कैराना स्थित मामौर झील के सुंदरीकरण और झील ओवरफ्लो होने पर किसानों की फसलें बर्बाद होने से बचाने की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने जल निगम, सिंचाई विभाग, ड्रेनेज विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को झील के सुंदरीकरण और जल प्रबंधन की परियोजना एक माह में बनाने का निर्देश दिए हैं। साथ ही झील को पक्षी अभ्यारण्य बनाने की तैयारियां भी हैं।
मामौर झील की सुंदरीकरण को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक हुई। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने तहसीलदार कैराना को झील का सीमांकन करने का निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि झील की छह हेक्टेयर भूमि मछली पालन हेतु मत्स्य विभाग को आवंटित की गई थी। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना में मामौर झील के जल प्रबंधन पर खास ध्यान दिया जाए कि कैराना से झील तक पहुंच रहे पानी को किस तरह ट्रीटमेंट करके उपयोगी बनाया जाए, ताकि आसपास खेतों में सिंचाई के रूप में इसका इस्तेमाल हो सके। ऐसा करने से झील ओवरफ्लो भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मामौर झील पर साइबेरियन पक्षी भी पहुंचते हैं, जिसके चलते इसे पक्षी अभ्यारण्य के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना बनाकर शीघ्र शासन को भेजवाई जाए, ताकि धनराशि आवंटित होने पर आवश्यक कार्रवाई कराई जा सके। इस दौरान अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, विजय कुमार शर्मा प्रदूषण नियंत्रण विभाग, अशोक कुमार सहायक अभियंता ड्रेनेज विभाग, सूरजमल जिलेदार ड्रेनेज खंड, कर्णपाल सहायक अभियंता ड्रेनेज विभाग आदि उपस्थित रहे।
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कैराना स्थित मामौर झील के सुंदरीकरण और झील ओवरफ्लो होने पर किसानों की फसलें बर्बाद होने से बचाने की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने जल निगम, सिंचाई विभाग, ड्रेनेज विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को झील के सुंदरीकरण और जल प्रबंधन की परियोजना एक माह में बनाने का निर्देश दिए हैं। साथ ही झील को पक्षी अभ्यारण्य बनाने की तैयारियां भी हैं।
मामौर झील की सुंदरीकरण को लेकर मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक हुई। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने तहसीलदार कैराना को झील का सीमांकन करने का निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि झील की छह हेक्टेयर भूमि मछली पालन हेतु मत्स्य विभाग को आवंटित की गई थी। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना में मामौर झील के जल प्रबंधन पर खास ध्यान दिया जाए कि कैराना से झील तक पहुंच रहे पानी को किस तरह ट्रीटमेंट करके उपयोगी बनाया जाए, ताकि आसपास खेतों में सिंचाई के रूप में इसका इस्तेमाल हो सके। ऐसा करने से झील ओवरफ्लो भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मामौर झील पर साइबेरियन पक्षी भी पहुंचते हैं, जिसके चलते इसे पक्षी अभ्यारण्य के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि परियोजना बनाकर शीघ्र शासन को भेजवाई जाए, ताकि धनराशि आवंटित होने पर आवश्यक कार्रवाई कराई जा सके। इस दौरान अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, विजय कुमार शर्मा प्रदूषण नियंत्रण विभाग, अशोक कुमार सहायक अभियंता ड्रेनेज विभाग, सूरजमल जिलेदार ड्रेनेज खंड, कर्णपाल सहायक अभियंता ड्रेनेज विभाग आदि उपस्थित रहे।
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