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खतरे के निशान तक पहुंचकर फिर नीचे आया जलस्तर
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:29 AM IST
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कैराना। यमुना नदी में हथिनी कुंड बैराज से मंगलवार को छोड़े गए पानी ने कैराना क्षेत्र में असर दिखाना शुरू कर दिया। कैराना यमुना पुल पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। बाद में पानी का दबाव कम होने पर 40 सेंटीमीटर नीचे आ गया।
पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में एक लाख 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इस कारण कैराना में यमुना नदी का जलस्तर रात दो बजे तक खतरे के निशान 231 मीटर तक पहुंच गया था। यमुना में उफान के चलते तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ गई थीं। वहीं, बाद में पानी की मात्रा घट कर 50 हजार क्यूसेक पर पहुंच गई थी, जिससे बुधवार दोपहर एक बजे कैराना में यमुना नदी का जलस्तर 230.6 पर पहुंच गया।
उधर, ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि सुबह यमुना का जल स्तर 230.85 मीटर पर था, जोकि बाद में घट कर 230.6 मीटर पर आ गया। पहाड़ों पर बारिश कम होने के चलते पानी और घटेगा।
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पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में एक लाख 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इस कारण कैराना में यमुना नदी का जलस्तर रात दो बजे तक खतरे के निशान 231 मीटर तक पहुंच गया था। यमुना में उफान के चलते तटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ गई थीं। वहीं, बाद में पानी की मात्रा घट कर 50 हजार क्यूसेक पर पहुंच गई थी, जिससे बुधवार दोपहर एक बजे कैराना में यमुना नदी का जलस्तर 230.6 पर पहुंच गया।
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उधर, ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि सुबह यमुना का जल स्तर 230.85 मीटर पर था, जोकि बाद में घट कर 230.6 मीटर पर आ गया। पहाड़ों पर बारिश कम होने के चलते पानी और घटेगा।
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