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शिक्षकों ने समायोजन प्रकिया पर सवाल उठा बीएसए कार्यालय पर किया हंगामा
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:34 AM IST
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शामली।
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रुप से चलाने के लिए स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया चल रही है। बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय पर विकल्प पत्र भरवाते हुए काउंसलिंग कराई जानी थी। शिक्षक, शिक्षिकाओं ने समायोजन प्रक्रिया को शासनादेशानुसार न करने का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया और काउंसलिंग कराने से मना कर दिया।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक स्कूलों में 63 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 43 पद सरप्लस चल रहे हैं। शासन के निर्देश पर विभाग द्वारा जनपद के सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारु ढंग से चलाने और बंद स्कूलों को भी संचालित करने के लिए समायोजन प्रक्रिया जारी है। बृहस्पतिवार को सभी उच्च प्राथमिक व प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को बीएसए कार्यालय पहुंचकर विकल्प पत्र भरते हुए काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षक कार्यालय पर तो पहुंचे, लेकिन अधिकतर शिक्षक, शिक्षिकाओं ने समायोजन प्रक्रिया को शासनादेश के अनुसार न होने पर विरोध करते हुए हंगामा प्रदर्शन किया। वहीं विकल्प पत्र और काउंसलिंग कराने से भी मना कर दिया। शिक्षक और शिक्षिकाओं का आरोप है कि सूची का प्रकाशन नहीं किया है, ब्लाक में पद रिक्त होने के बाद भी महिला शिक्षिकाओं को दूसरे ब्लाक में भेजा जा रहा है।
शिक्षकों ने बताया कि 20 अगस्त को हुई दो से चार शिक्षकों को छोड़कर सभी सहमत थे, लेकिन उस प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। काफी समय बाद प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के 106 शिक्षक, शिक्षिकाओं में से 10 से 15 शिक्षकों ने ही विकल्प पत्र भरकर काउंसलिंग कराई। मौके पर ईशा, सिकेंद्र, मोनिका, सीमा, रीना, कृति, विवेक, रूबी, विनय, नीलम, अरुण, पीयूष, आरती आदि मौजूद रहे।
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वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा का कहना है कि शासन से निर्देश मिले हैं कि समायोजन प्रक्रिया के दौरान जनपद में कोई स्कूल एकल और बंद की स्थिति में नहीं होना चाहिए। 20 अगस्त को हुई समायोजन प्रक्रिया में कई विद्यालय बंद की स्थिति में थे। जिस पर आपत्तियां दर्ज की गई थी। जिसके चलते दोबारा सभी स्कूलों में शिक्षक और छात्र संख्या के अनुपात के तहत समायोजन प्रक्रिया शुरू की गई थी। अगर कोई शिक्षक विकल्प पत्र भरकर काउंसलिंग नहीं कराता है तो उसको निर्देशानुसार विद्यालय आवंटित कर दिया जाएगा।
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जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रुप से चलाने के लिए स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया चल रही है। बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय पर विकल्प पत्र भरवाते हुए काउंसलिंग कराई जानी थी। शिक्षक, शिक्षिकाओं ने समायोजन प्रक्रिया को शासनादेशानुसार न करने का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया और काउंसलिंग कराने से मना कर दिया।
बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक स्कूलों में 63 और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 43 पद सरप्लस चल रहे हैं। शासन के निर्देश पर विभाग द्वारा जनपद के सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारु ढंग से चलाने और बंद स्कूलों को भी संचालित करने के लिए समायोजन प्रक्रिया जारी है। बृहस्पतिवार को सभी उच्च प्राथमिक व प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को बीएसए कार्यालय पहुंचकर विकल्प पत्र भरते हुए काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षक कार्यालय पर तो पहुंचे, लेकिन अधिकतर शिक्षक, शिक्षिकाओं ने समायोजन प्रक्रिया को शासनादेश के अनुसार न होने पर विरोध करते हुए हंगामा प्रदर्शन किया। वहीं विकल्प पत्र और काउंसलिंग कराने से भी मना कर दिया। शिक्षक और शिक्षिकाओं का आरोप है कि सूची का प्रकाशन नहीं किया है, ब्लाक में पद रिक्त होने के बाद भी महिला शिक्षिकाओं को दूसरे ब्लाक में भेजा जा रहा है।
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शिक्षकों ने बताया कि 20 अगस्त को हुई दो से चार शिक्षकों को छोड़कर सभी सहमत थे, लेकिन उस प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया। काफी समय बाद प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के 106 शिक्षक, शिक्षिकाओं में से 10 से 15 शिक्षकों ने ही विकल्प पत्र भरकर काउंसलिंग कराई। मौके पर ईशा, सिकेंद्र, मोनिका, सीमा, रीना, कृति, विवेक, रूबी, विनय, नीलम, अरुण, पीयूष, आरती आदि मौजूद रहे।
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वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा का कहना है कि शासन से निर्देश मिले हैं कि समायोजन प्रक्रिया के दौरान जनपद में कोई स्कूल एकल और बंद की स्थिति में नहीं होना चाहिए। 20 अगस्त को हुई समायोजन प्रक्रिया में कई विद्यालय बंद की स्थिति में थे। जिस पर आपत्तियां दर्ज की गई थी। जिसके चलते दोबारा सभी स्कूलों में शिक्षक और छात्र संख्या के अनुपात के तहत समायोजन प्रक्रिया शुरू की गई थी। अगर कोई शिक्षक विकल्प पत्र भरकर काउंसलिंग नहीं कराता है तो उसको निर्देशानुसार विद्यालय आवंटित कर दिया जाएगा।