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किसान ट्रेंच विधि से करे शरद कालीन गन्ने की बुआई
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:40 PM IST
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किसान ट्रेंच विधि से करें शरद कालीन गन्ने की बुआई
शामली। शामली चीनी मिल की ओर से आयोजित शरद कालीन गन्ना बुआई गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई बीस अक्तूबर तक करने का अनुरोध किया है। इस समय गन्ने की बुआई करने से 15 से 20 प्रतिशत अधिक पैदावार मिलती हैं।
मंगलवार को टिटौली गांव में स्थित किसान देवेंद्र सिंह के घेर में शामली चीनी मिल की ओर से आयोजित शरद कालीन गन्ना बुआई गोष्ठी में शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शरद कालीन गन्ने की बुआई सितंबर माह से शुुरू होकर बीस अक्तूबर तक पूरी कर लें। शरद कालीन गन्ने की बुआई से 15-20 प्रतिशत से अधिक पैदावार में बढ़ोतरी होगी। सहफसल के रूप में गन्ने की बुआई से एक माह बाद दूसरी फसल की करनी होगी। उन्होंने कहा कि दो लाइनों के बीच की दूूूरी कम से कम चार से पांच फीट होनी चाहिए। गोष्ठी में डाक्टर राजीव ने कहा जैविक खाद का गन्ने की फसल में प्रयोग करने की जानकारी दी। इस मौके पर शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि चीनी मिल की इस साल दस हजार क्विंटल गन्ने की पेेराई क्षमता बढ़ाई है। मिल के गन्ना प्रबंधक के पीएस सरोहा ने शामली मिल की ओर से शरद कालोनी गन्ना बुआई में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।
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शामली। शामली चीनी मिल की ओर से आयोजित शरद कालीन गन्ना बुआई गोष्ठी में वैज्ञानिकों ने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई बीस अक्तूबर तक करने का अनुरोध किया है। इस समय गन्ने की बुआई करने से 15 से 20 प्रतिशत अधिक पैदावार मिलती हैं।
मंगलवार को टिटौली गांव में स्थित किसान देवेंद्र सिंह के घेर में शामली चीनी मिल की ओर से आयोजित शरद कालीन गन्ना बुआई गोष्ठी में शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि शरद कालीन गन्ने की बुआई सितंबर माह से शुुरू होकर बीस अक्तूबर तक पूरी कर लें। शरद कालीन गन्ने की बुआई से 15-20 प्रतिशत से अधिक पैदावार में बढ़ोतरी होगी। सहफसल के रूप में गन्ने की बुआई से एक माह बाद दूसरी फसल की करनी होगी। उन्होंने कहा कि दो लाइनों के बीच की दूूूरी कम से कम चार से पांच फीट होनी चाहिए। गोष्ठी में डाक्टर राजीव ने कहा जैविक खाद का गन्ने की फसल में प्रयोग करने की जानकारी दी। इस मौके पर शामली चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप पिलानिया ने बताया कि चीनी मिल की इस साल दस हजार क्विंटल गन्ने की पेेराई क्षमता बढ़ाई है। मिल के गन्ना प्रबंधक के पीएस सरोहा ने शामली मिल की ओर से शरद कालोनी गन्ना बुआई में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।
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