{"_id":"5b4f8f434f1c1b6f548b55db","slug":"151531940675-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असामाजिक तत्वों का अड्डा बना बारातघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असामाजिक तत्वों का अड्डा बना बारातघर
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असामाजिक तत्वों का अड्डा बना बारातघर
झिंझाना।
लाखों रुपये खर्च करके बनाया गया बारातघर नगर पंचायत कर्मियों की उदासीनता के कारण अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है।
कस्बा झिंझाना में दरगाहपुर रोड पर वर्ष 2005 में तत्कालीन चेयरमैन राकेश गोयल ने अपनी जमीन 1200 वर्ग मीटर नगर पंचायत को दान में दी थी, उस पर अपने पूर्वजों के नाम पर ओमप्रकाश हरिप्रकाश सामुदायिक बारातघर का निर्माण कराया था, जिसकी लागत 35 लाख रुपये आई थी। उस समय बारातघर में सभी सुविधाएं नगर पंचायत द्वारा दिए जाने से लोगों में खुशी थी। उसमें विवाह समारोह के अलावा अन्य सामाजिक कार्यक्रम होते थे, लेकिन धीरे धीरे नगर पंचायत ने इस बारातघर के प्रति उदासीनता दिखानी प्रारंभ कर दी। यही वजह है कि बारातघर की खिड़की, दरवाजे, बिजली फीटिंग के अलावा पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए सबमर्सिबल को भी असामाजिक तत्व उखाड़कर ले गए। भवन की हालत भी जर्जर हो गई है, जिस कारण दिन ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने लगा है। अमित गोयल, मनोज मित्तल, शैलेंद्र मित्तल, अशोक बहादुर गोयल, नंदन मित्तल, दिलदार सैनी, सुरेश मंत्री डाक्टर अमन कुमार और हैदर पीरजी का कहना है कि यदि बारातघर का जीर्णोद्धार हो जाता है, तो उससे नागरिकों को काफी फायदा मिलेगा। वहीं, नगर पंचायत चेयरमैन नौशाद कुरैशी का कहना है कि अभी बजट आया है। भवन का नक्शा आदि बनाकर जिलाधिकारी को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
झिंझाना।
लाखों रुपये खर्च करके बनाया गया बारातघर नगर पंचायत कर्मियों की उदासीनता के कारण अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है।
कस्बा झिंझाना में दरगाहपुर रोड पर वर्ष 2005 में तत्कालीन चेयरमैन राकेश गोयल ने अपनी जमीन 1200 वर्ग मीटर नगर पंचायत को दान में दी थी, उस पर अपने पूर्वजों के नाम पर ओमप्रकाश हरिप्रकाश सामुदायिक बारातघर का निर्माण कराया था, जिसकी लागत 35 लाख रुपये आई थी। उस समय बारातघर में सभी सुविधाएं नगर पंचायत द्वारा दिए जाने से लोगों में खुशी थी। उसमें विवाह समारोह के अलावा अन्य सामाजिक कार्यक्रम होते थे, लेकिन धीरे धीरे नगर पंचायत ने इस बारातघर के प्रति उदासीनता दिखानी प्रारंभ कर दी। यही वजह है कि बारातघर की खिड़की, दरवाजे, बिजली फीटिंग के अलावा पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए सबमर्सिबल को भी असामाजिक तत्व उखाड़कर ले गए। भवन की हालत भी जर्जर हो गई है, जिस कारण दिन ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने लगा है। अमित गोयल, मनोज मित्तल, शैलेंद्र मित्तल, अशोक बहादुर गोयल, नंदन मित्तल, दिलदार सैनी, सुरेश मंत्री डाक्टर अमन कुमार और हैदर पीरजी का कहना है कि यदि बारातघर का जीर्णोद्धार हो जाता है, तो उससे नागरिकों को काफी फायदा मिलेगा। वहीं, नगर पंचायत चेयरमैन नौशाद कुरैशी का कहना है कि अभी बजट आया है। भवन का नक्शा आदि बनाकर जिलाधिकारी को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।