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सीएम से इच्छा मृत्यु मांगने बड़ौत से पहुंचे भाई-बहन
Updated Fri, 25 May 2018 12:20 AM IST
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सीएम से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने बड़ौत से पहुंचे भाई-बहन
शामली।
बड़ौत निवासी महिला की हत्या के मामले में उसके पति को ही बागपत पुलिस ने फंसा दिया और जेल भेज दिया। इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करने बड़ौत से भाई-बहन शामली पहुंचे। बच्चों ने सीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है।
जिला बागपत के बड़ौत की रामबाग कॉलोनी निवासी वैशाली पुत्री विपेंद्र अपने भाई के साथ बृहस्पतिवार को योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए शामली में पहुंची। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2018 को उनकी मां गीता का विकास और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया और उसकी हत्या कर दी। बाद में विकास ने ही गीता की लाश बरामद करा दी। आरोप है कि विकास ने उसके पिता विपेंद्र का झूठा नाम लिखा दिया और पुलिस से सेटिंग कर अपने साथ उसके पिता को भी जेल भिजवा दिया। किशोरी का कहना है कि उसके पिता बीएसएफ के जवान हैं और घटना के समय अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। पीड़िता ने मामले की सीबीआई जांच कराकर असली आरोपियों को जेल भिजवाने की मांग की है। बहन-भाई ने सीएम से मार्मिक अपील की कि या तो उनको न्याय दिलवाया जाए या फिर को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए, ताकि वह दुनिया के और जुल्म ना सह सकें। इस दौरान उनकी मुलाकात तो मुख्यमंत्री से नहीं हो सकी, लेकिन बाद में प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन के माध्यम से ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
महिला ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
शामली। बागपत के गांव गौरीपुर निवासी महिला नरेश पत्नी कृष्ण मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शामली जनसभा स्थल पर पहुंची। महिला ने बताया कि उसके खिलाफ गांव में पार्टीबाजी की रंजिश में विपक्षियों ने एक मुकदमा करा दिया था, जिससे उसका कोई मतलब नहीं है। जिस समय घटना हुई उस समय वह मजदूरी करने के लिए बाहर गई हुई थी। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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शामली।
बड़ौत निवासी महिला की हत्या के मामले में उसके पति को ही बागपत पुलिस ने फंसा दिया और जेल भेज दिया। इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करने बड़ौत से भाई-बहन शामली पहुंचे। बच्चों ने सीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है।
जिला बागपत के बड़ौत की रामबाग कॉलोनी निवासी वैशाली पुत्री विपेंद्र अपने भाई के साथ बृहस्पतिवार को योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए शामली में पहुंची। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2018 को उनकी मां गीता का विकास और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया और उसकी हत्या कर दी। बाद में विकास ने ही गीता की लाश बरामद करा दी। आरोप है कि विकास ने उसके पिता विपेंद्र का झूठा नाम लिखा दिया और पुलिस से सेटिंग कर अपने साथ उसके पिता को भी जेल भिजवा दिया। किशोरी का कहना है कि उसके पिता बीएसएफ के जवान हैं और घटना के समय अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। पीड़िता ने मामले की सीबीआई जांच कराकर असली आरोपियों को जेल भिजवाने की मांग की है। बहन-भाई ने सीएम से मार्मिक अपील की कि या तो उनको न्याय दिलवाया जाए या फिर को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए, ताकि वह दुनिया के और जुल्म ना सह सकें। इस दौरान उनकी मुलाकात तो मुख्यमंत्री से नहीं हो सकी, लेकिन बाद में प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन के माध्यम से ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
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महिला ने की निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
शामली। बागपत के गांव गौरीपुर निवासी महिला नरेश पत्नी कृष्ण मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शामली जनसभा स्थल पर पहुंची। महिला ने बताया कि उसके खिलाफ गांव में पार्टीबाजी की रंजिश में विपक्षियों ने एक मुकदमा करा दिया था, जिससे उसका कोई मतलब नहीं है। जिस समय घटना हुई उस समय वह मजदूरी करने के लिए बाहर गई हुई थी। पीड़िता ने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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