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पैसा ले लिया, पर नहीं बनवाए शौचालय
Updated Sun, 26 Nov 2017 12:06 AM IST
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शामली।
नगरीय क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए चल रहे अभियान में कुछ लोगों की मनमानी आड़े आ गई। 50 से ज्यादा परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए प्रथम किश्त के तौर पर चार-चार हजार रुपये भी पालिका की तरफ से दिए गए। बावजूद इसके उन्होंने शौचालयों का निर्माण नहीं कराया। नगर पालिका प्रशासन ने ऐसे परिवारों को नोटिस जारी किया है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र के 25 वार्डों में शामिल 615 परिवारों को चिह्नित किया गया था, जिनके यहां शौचालय नहीं थे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन परिवारों के यहां शौचालय का निर्माण कराया जाना था। अभियान के तहत अब तक शहर के 19 वार्डों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, लेकिन छह वार्डों में शौचालयों का निर्माण नहीं होने की वजह से शामली नगर पालिका को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका है।
जांच में पता चला है कि नगर पालिका परिषद शामली के वार्ड संख्या आठ के मोहल्ला पंसारियान ढेवा बस्ती में रहने वाले 15 परिवार, वार्ड संख्या दो के 11, वार्ड संख्या चार के नौ और वार्ड संख्या तीन, 16 और 18 में निवास करने वाले करीब 10 लोगों सहित करीब 55 लोगों ने शौचालय का निर्माण नहीं कराया। नगर पालिका प्रशासन ने शौचालयों के निर्माण के लिए इन सभी लोगों के खाते में प्रथम किश्त के तौर पर चार-चार हजार रुपये भी एक महीना पूर्व भिजवा दिए थे। इसके अलावा इन परिवारों को एक-एक हजार ईंटें भी दिलवाई गई थीं। बावजूद इसके शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका।
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अधिशासी अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों ने प्रथम किश्त की धनराशि दिए जाने के बावजूद शौचालयों का निर्माण नहीं कराया है, उनको नोटिस भेजे गए हैं। इन परिवारों को प्रेरित कर जल्दी ही शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। यदि फिर भी वह लोग शौचालयों का निर्माण नहीं कराते हैं, तो उनको दी गई धनराशि की वसूली कराई जाएगी।
अब आठ की जगह मिलेंगे 20 हजार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्र में शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली धनराशि में बढ़ोत्तरी हो गई है। अभी तक शौचालय निर्माण पर आठ हजार रुपये दिए जा रहे थे, जबकि उसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। बढ़ाई गई धनराशि 12 हजार रुपये का भुगतान प्रदेश सरकार को करना है। हालांकि अभी इस संबंध में शासनादेश नगर पालिका को प्राप्त नहीं हुआ है।
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नगरीय क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त बनाने के लिए चल रहे अभियान में कुछ लोगों की मनमानी आड़े आ गई। 50 से ज्यादा परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए प्रथम किश्त के तौर पर चार-चार हजार रुपये भी पालिका की तरफ से दिए गए। बावजूद इसके उन्होंने शौचालयों का निर्माण नहीं कराया। नगर पालिका प्रशासन ने ऐसे परिवारों को नोटिस जारी किया है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र के 25 वार्डों में शामिल 615 परिवारों को चिह्नित किया गया था, जिनके यहां शौचालय नहीं थे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इन परिवारों के यहां शौचालय का निर्माण कराया जाना था। अभियान के तहत अब तक शहर के 19 वार्डों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, लेकिन छह वार्डों में शौचालयों का निर्माण नहीं होने की वजह से शामली नगर पालिका को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका है।
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जांच में पता चला है कि नगर पालिका परिषद शामली के वार्ड संख्या आठ के मोहल्ला पंसारियान ढेवा बस्ती में रहने वाले 15 परिवार, वार्ड संख्या दो के 11, वार्ड संख्या चार के नौ और वार्ड संख्या तीन, 16 और 18 में निवास करने वाले करीब 10 लोगों सहित करीब 55 लोगों ने शौचालय का निर्माण नहीं कराया। नगर पालिका प्रशासन ने शौचालयों के निर्माण के लिए इन सभी लोगों के खाते में प्रथम किश्त के तौर पर चार-चार हजार रुपये भी एक महीना पूर्व भिजवा दिए थे। इसके अलावा इन परिवारों को एक-एक हजार ईंटें भी दिलवाई गई थीं। बावजूद इसके शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका।
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अधिशासी अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों ने प्रथम किश्त की धनराशि दिए जाने के बावजूद शौचालयों का निर्माण नहीं कराया है, उनको नोटिस भेजे गए हैं। इन परिवारों को प्रेरित कर जल्दी ही शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। यदि फिर भी वह लोग शौचालयों का निर्माण नहीं कराते हैं, तो उनको दी गई धनराशि की वसूली कराई जाएगी।
अब आठ की जगह मिलेंगे 20 हजार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्र में शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली धनराशि में बढ़ोत्तरी हो गई है। अभी तक शौचालय निर्माण पर आठ हजार रुपये दिए जा रहे थे, जबकि उसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। बढ़ाई गई धनराशि 12 हजार रुपये का भुगतान प्रदेश सरकार को करना है। हालांकि अभी इस संबंध में शासनादेश नगर पालिका को प्राप्त नहीं हुआ है।