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हाई रिस्क प्रेगनेंसी में 145 महिलाएं चिन्हित
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1446 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
शामली। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एचआरपी डे पर जनपद में 1446 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 143 महिला हाई रिक्स प्रेगनेंसी में चिह्नित की गईं।
हर महीने की नौ तारीख को होने वाले एचआरपी डे पर जनपद में सीएचसी और पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। गांव लांक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. नीलम शुक्ला ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर परामर्श और दवा का वितरण किया। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जनपद में सीएचसी और पीएचसी समेत 17 केंद्रों पर 1446 गर्भवती महिलाओं की जांच चिकित्सकों द्वारा की गई। जांच में 145 महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी में चिह्नित की गई। दो गर्भवती महिलाओं को रक्त चढ़ाया गया और 675 गर्भवती महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड किए गए हैं।
कैराना में 300 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
कैराना। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत शनिवार को कैराना सीएचसी, गांव भूरा तथा ऊंचागांव की पीएचसी पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत कैंप आयोजित किए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकों द्वारा हीमोग्लोबिन, रक्त, शुगर की जांच, ब्लड प्रेशर, वजन और अन्य जांच की गई। सीएचसी पर 169, ऊंचा गांव पीएचसी पर 22 व भूरा पीएचसी पर 109 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। डॉ. रोशी फातिमा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई। नियमित जांच से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना कम होती हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को निशुल्क दवा, दूध के पैकेट व फल वितरित किए गए।
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ऊन में 149 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
ऊन। ऊन सीएचसी पर 147 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। इनमें 14 महिलाओं को आयरन और सुक्रोज दिया गया। सभी महिलाओं को दूध का पैकेट भी वितरित किया गया। जांच करने वालों में डा. रेनू सैनी, डा. शशिकांत, डा. विकास और दिनेश कुमार शामिल रहे। उधर, जांच कराने आई महिलाएं जब लाइन में लगी थी, उसी दौरान अचानक गेट के निकट के फर्श के पत्थर का एक टुकड़ा धंस गया। फर्श धंसने पर वहां अफरातफरी सी मच गई। स्टाफ ने महिलाओं को वहां से हटाकर अंदर बैठाया। विदित हो कि अस्पताल को बने हुए चार वर्ष हुए हैं और फर्श बैठ गया है। इसके अलावा कई जगह खिड़की दरवाजे भी टूटे हुए हैं।
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शामली। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एचआरपी डे पर जनपद में 1446 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 143 महिला हाई रिक्स प्रेगनेंसी में चिह्नित की गईं।
हर महीने की नौ तारीख को होने वाले एचआरपी डे पर जनपद में सीएचसी और पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। गांव लांक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. नीलम शुक्ला ने गर्भवती महिलाओं की जांच कर परामर्श और दवा का वितरण किया। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जनपद में सीएचसी और पीएचसी समेत 17 केंद्रों पर 1446 गर्भवती महिलाओं की जांच चिकित्सकों द्वारा की गई। जांच में 145 महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी में चिह्नित की गई। दो गर्भवती महिलाओं को रक्त चढ़ाया गया और 675 गर्भवती महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड किए गए हैं।
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कैराना में 300 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
कैराना। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत शनिवार को कैराना सीएचसी, गांव भूरा तथा ऊंचागांव की पीएचसी पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत कैंप आयोजित किए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकों द्वारा हीमोग्लोबिन, रक्त, शुगर की जांच, ब्लड प्रेशर, वजन और अन्य जांच की गई। सीएचसी पर 169, ऊंचा गांव पीएचसी पर 22 व भूरा पीएचसी पर 109 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। डॉ. रोशी फातिमा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई। नियमित जांच से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना कम होती हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को निशुल्क दवा, दूध के पैकेट व फल वितरित किए गए।
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ऊन में 149 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच
ऊन। ऊन सीएचसी पर 147 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। इनमें 14 महिलाओं को आयरन और सुक्रोज दिया गया। सभी महिलाओं को दूध का पैकेट भी वितरित किया गया। जांच करने वालों में डा. रेनू सैनी, डा. शशिकांत, डा. विकास और दिनेश कुमार शामिल रहे। उधर, जांच कराने आई महिलाएं जब लाइन में लगी थी, उसी दौरान अचानक गेट के निकट के फर्श के पत्थर का एक टुकड़ा धंस गया। फर्श धंसने पर वहां अफरातफरी सी मच गई। स्टाफ ने महिलाओं को वहां से हटाकर अंदर बैठाया। विदित हो कि अस्पताल को बने हुए चार वर्ष हुए हैं और फर्श बैठ गया है। इसके अलावा कई जगह खिड़की दरवाजे भी टूटे हुए हैं।