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शामली मिल के पेराई सत्र समापन की मांगी डीएम से मांगी अनुमति
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शामली मिल के पेराई सत्र समापन की मांगी डीएम से मांगी अनुमति
शामली। शामली चीनी मिल के चीफ आपरेंटिंग ऑफिसर की ओर से देर रात जानकारी दी गई कि उन्होंने डीएम शामली को पत्र भेजकर पेराई सत्र 2018-19 का समापन करने की अनुमति मांगी है।
डीएम को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि 16 जनवरी की रात से किसानों ने किसी पूर्व सूचना के पेराई सत्र को बंद करा दिया है। इससे पेराई सत्र बाधित हो रहा है। मिल प्रबंधन द्वारा धरना स्थल पर किसानों को पिछले साल के पेराई सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को 20 दिन में अदा करने का आश्वासन दिया। साथ ही चालू पेराई सत्र गन्ना मूल्य भुगतान सरकार द्वारा जारी कोटे से बेेची जाने वाली चीनी का 85 प्रतिशत भुगतान प्रत्येक माह करने का आश्वासन दिया गया। उनका कहना है कि पेराई सत्र सुचारु रूप से चलाने हेतु किसानों से आग्रह किया गया, लेकिन इसके लिए किसान सहयोग करने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में मिल का पेराई सत्र आगे चलाना संभव नहीं है और धरना समाप्त होने की भी संभावना नहीं है। उन्होंने डीएम से शामली चीनी मिल को पेराई सत्र 2018-19 को सत्रावसान किए जाने की अनुमति देने की मांग की है। डीसीओ ने बताया कि उनकी संज्ञान में ये आया है।
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शामली। शामली चीनी मिल के चीफ आपरेंटिंग ऑफिसर की ओर से देर रात जानकारी दी गई कि उन्होंने डीएम शामली को पत्र भेजकर पेराई सत्र 2018-19 का समापन करने की अनुमति मांगी है।
डीएम को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि 16 जनवरी की रात से किसानों ने किसी पूर्व सूचना के पेराई सत्र को बंद करा दिया है। इससे पेराई सत्र बाधित हो रहा है। मिल प्रबंधन द्वारा धरना स्थल पर किसानों को पिछले साल के पेराई सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को 20 दिन में अदा करने का आश्वासन दिया। साथ ही चालू पेराई सत्र गन्ना मूल्य भुगतान सरकार द्वारा जारी कोटे से बेेची जाने वाली चीनी का 85 प्रतिशत भुगतान प्रत्येक माह करने का आश्वासन दिया गया। उनका कहना है कि पेराई सत्र सुचारु रूप से चलाने हेतु किसानों से आग्रह किया गया, लेकिन इसके लिए किसान सहयोग करने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में मिल का पेराई सत्र आगे चलाना संभव नहीं है और धरना समाप्त होने की भी संभावना नहीं है। उन्होंने डीएम से शामली चीनी मिल को पेराई सत्र 2018-19 को सत्रावसान किए जाने की अनुमति देने की मांग की है। डीसीओ ने बताया कि उनकी संज्ञान में ये आया है।
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