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घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग ने खोजे टीबी के 44 मरीज
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:48 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग ने खोजे टीबी के 44 मरीज
शामली। पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए क्षय रोगियों को ढूंढने के लिए डोर-टू-डोर अभियान में टीबी के 44 नए मरीज सामने आए हैं। अभियान के तहत 942 संदिग्ध मरीजों के सेंपल लिए गए थे, जिनकी जांच महकमे द्वारा की गई।
क्षय रोग को देश से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार जोर दे रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में क्षय रोगियों को ढूंढने के लिए तीन से 12 मार्च तक अभियान चलाया गया। इस अभियान के लिए सीएमओ के आदेश पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सफल कुमार ने पूरे जिले में 54 टीमें गठित की और काम प्रारंभ कर दिया। दस दिन तक चले इस अभियान में टीमों ने सीएचसी शामली, कैराना, कुड़ाना, झिंझाना, थानाभवन और ऊन में घर-घर जाकर अभियान चलाया। क्षय रोग यूनिट कैराना से जुड़ी टीमों ने 349, थानाभवन क्षय रोग यूनिट से जुड़ी टीमों ने 247, शामली क्षय रोग यूनिट से जुड़ी टीमों ने 346 संदिग्धों के बलगम जांच के लिए लिए। सभी नमूनों को टीबी अस्पताल हींड में सीबीनेट मशीन पर जांच के लिए भेजवाया गया, जिनमें से 44 टीबी मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनका इलाज प्रारंभ कर दिया गया है।
शामली क्षेत्र में सामने आए सबसे ज्यादा मरीज
शामली क्षय रोग युनिट द्वारा 346 मरीजों की जांच की गई। इनमें ही सबसे ज्यादा 26 मरीज सामने आए हैं, जो कि चिंता का विषय है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सभी का इलाज किया जा रहा है, कोई दिक्कत की बात नहीं है।
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43 का इलाज शुरू, एक रोगी ने इलाज कराने से किया मना
महकमे द्वारा जिले में टीबी के मरीज खोजे गए हैं। इन सभी मरीजों का उपचार प्रारंभ करा दिया गया है, लेकिन इनमें से एक मरीज ने टीबी का इलाज लेने और कराने से मना कर दिया है, जो कि चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग उस व्यक्ति को भी इलाज कराने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है।
पूरे जिले में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने टीबी के संदिग्ध मरीजों की जांच की ओर उनके बलगम का टेस्ट कराया, जिसके बाद जिले में 44 मरीज आए हैं, जिनमें से 43 का उपचार प्रारंभ करा दिया गया है, जबकि एक मरीज उपचार लेने से मना कर रहा है, जिसको मनाया जा रहा है
-डाक्टर सफल कुमार
जिला क्षय रोग अधिकारी
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शामली। पूरे जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए क्षय रोगियों को ढूंढने के लिए डोर-टू-डोर अभियान में टीबी के 44 नए मरीज सामने आए हैं। अभियान के तहत 942 संदिग्ध मरीजों के सेंपल लिए गए थे, जिनकी जांच महकमे द्वारा की गई।
क्षय रोग को देश से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार जोर दे रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में क्षय रोगियों को ढूंढने के लिए तीन से 12 मार्च तक अभियान चलाया गया। इस अभियान के लिए सीएमओ के आदेश पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सफल कुमार ने पूरे जिले में 54 टीमें गठित की और काम प्रारंभ कर दिया। दस दिन तक चले इस अभियान में टीमों ने सीएचसी शामली, कैराना, कुड़ाना, झिंझाना, थानाभवन और ऊन में घर-घर जाकर अभियान चलाया। क्षय रोग यूनिट कैराना से जुड़ी टीमों ने 349, थानाभवन क्षय रोग यूनिट से जुड़ी टीमों ने 247, शामली क्षय रोग यूनिट से जुड़ी टीमों ने 346 संदिग्धों के बलगम जांच के लिए लिए। सभी नमूनों को टीबी अस्पताल हींड में सीबीनेट मशीन पर जांच के लिए भेजवाया गया, जिनमें से 44 टीबी मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनका इलाज प्रारंभ कर दिया गया है।
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शामली क्षेत्र में सामने आए सबसे ज्यादा मरीज
शामली क्षय रोग युनिट द्वारा 346 मरीजों की जांच की गई। इनमें ही सबसे ज्यादा 26 मरीज सामने आए हैं, जो कि चिंता का विषय है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सभी का इलाज किया जा रहा है, कोई दिक्कत की बात नहीं है।
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43 का इलाज शुरू, एक रोगी ने इलाज कराने से किया मना
महकमे द्वारा जिले में टीबी के मरीज खोजे गए हैं। इन सभी मरीजों का उपचार प्रारंभ करा दिया गया है, लेकिन इनमें से एक मरीज ने टीबी का इलाज लेने और कराने से मना कर दिया है, जो कि चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग उस व्यक्ति को भी इलाज कराने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है।
पूरे जिले में घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने टीबी के संदिग्ध मरीजों की जांच की ओर उनके बलगम का टेस्ट कराया, जिसके बाद जिले में 44 मरीज आए हैं, जिनमें से 43 का उपचार प्रारंभ करा दिया गया है, जबकि एक मरीज उपचार लेने से मना कर रहा है, जिसको मनाया जा रहा है
-डाक्टर सफल कुमार
जिला क्षय रोग अधिकारी