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इलाज के साथ-साथ अब सेहत का भी सरकार रखेगी ध्यान
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:48 PM IST
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शामली। टीबी की दवा खाने में कमजोरी और अच्छे खानपान की कमी मरीज के सामने नहीं आएगी। इन मरीजों को अब सरकार पांच सौ रुपये महीना देेगी, ताकि टीबी की दवाई लेने से पहले वह अच्छा खानपान कर सके और शरीर को दवाई झेलने लायक बना सके। जिले में इस योजना पर सीएमओ के आदेश पर काम शुरू हो चुका है।
टीबी एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका इलाज नहीं है । स्वास्थ्य विभाग के पास इसका निशुल्क इलाज है। बशर्ते स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली दवाईयों को मरीज नियमित खा सके। डाक्टरों का मानना है कि दवाई काफी पावर वाली होती है। इसलिए शुरू-शुरू में खाने में मरीज को बहुत ही दिक्कत आती है, लेकिन बाद में ठीक हो जाता है। दवाई लेने के दौरान शरीर में होने वाली परेशानी की वजह से मरीज बीच में दवाई छोड़ देता है। जिस कारण वह सामान्य टीबी एमडीआर और फिर एक्सडीआर में बदल जाती है। इसी लापरवाही के कारण मरीज को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है। इसी के चलते मरीज को दवाईयों के साथ अच्छी डाइट मिले, इसलिए सरकार ने आम बजट में टीबी के मरीजों को हर माह पांच सौ रुपये देने का प्रावधान किया गया है।
1663 टीबी मरीजों को मिलेगा इसका लाभ
जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार करीब 1663 टीबी के मरीज सरकारी अस्पताल से इलाज करा रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन सभी को टीबी से लड़ने के लिए पांच-पांच सौ रुपये दिए जाएंगे।
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मरीज के सीधा खाते में जाएगा पैसा
जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर आरके सागर ने बताया कि जितने भी मरीज रिकार्ड में है। उन सबसे आधार कार्ड और बैंक अकाउंट के साथ टीबी कार्ड की फोटो स्टेट ली जाएगी। उसके बाद कागजी कार्रवाई होने के बाद हर माह इनके खाते में रुपया जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए शामली में काम शुरू हो चुका है।
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टीबी एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका इलाज नहीं है । स्वास्थ्य विभाग के पास इसका निशुल्क इलाज है। बशर्ते स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली दवाईयों को मरीज नियमित खा सके। डाक्टरों का मानना है कि दवाई काफी पावर वाली होती है। इसलिए शुरू-शुरू में खाने में मरीज को बहुत ही दिक्कत आती है, लेकिन बाद में ठीक हो जाता है। दवाई लेने के दौरान शरीर में होने वाली परेशानी की वजह से मरीज बीच में दवाई छोड़ देता है। जिस कारण वह सामान्य टीबी एमडीआर और फिर एक्सडीआर में बदल जाती है। इसी लापरवाही के कारण मरीज को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है। इसी के चलते मरीज को दवाईयों के साथ अच्छी डाइट मिले, इसलिए सरकार ने आम बजट में टीबी के मरीजों को हर माह पांच सौ रुपये देने का प्रावधान किया गया है।
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1663 टीबी मरीजों को मिलेगा इसका लाभ
जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार करीब 1663 टीबी के मरीज सरकारी अस्पताल से इलाज करा रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन सभी को टीबी से लड़ने के लिए पांच-पांच सौ रुपये दिए जाएंगे।
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मरीज के सीधा खाते में जाएगा पैसा
जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर आरके सागर ने बताया कि जितने भी मरीज रिकार्ड में है। उन सबसे आधार कार्ड और बैंक अकाउंट के साथ टीबी कार्ड की फोटो स्टेट ली जाएगी। उसके बाद कागजी कार्रवाई होने के बाद हर माह इनके खाते में रुपया जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए शामली में काम शुरू हो चुका है।