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गुरु गोविंद सिंह का मनाया शहीदी सप्ताह
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बाबरी। कस्बे के गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारे में बृहस्पतिवार को शहीदी सप्ताह दिवस मनाया गया। इस मौके पर ज्ञानी सुच्चा सिंह ने अरदास कर कहा कि गुरु गोविंद सिंह और उनके परिवार के सदस्य के बलिदान के बारे में बताया
उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के परिवार के शहीदी कथा सुनाकर प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष समाज की एकता और स्वतंत्रता के लिए एक उदाहरण है। इस प्रकार गुरु गोविंद सिंह ने सब कुछ कुर्बान हो जाने के बाद यह फरमान जारी कर किया गया कि कबीर मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा, तेरा तुझको सौंपते क्या लागे मेरा। पहाड़ से विशाल जिगर से कह दिया कि प्रभु, परमात्मा, वाहे गुरु सब कुछ आप जी की अमानत थी, जो मैं आपके जी को सौंप कर सुरखुद मुक्त हो गया हूं। उन्होंने वाणी से गुरु जी गाथा सुनकर संगत के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरा गुरुद्वारा परिसर गाथा सुनकर जो बोले सोनिहाल सत श्री अकाल के संबोधन के गूंज उठे।
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उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के परिवार के शहीदी कथा सुनाकर प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष समाज की एकता और स्वतंत्रता के लिए एक उदाहरण है। इस प्रकार गुरु गोविंद सिंह ने सब कुछ कुर्बान हो जाने के बाद यह फरमान जारी कर किया गया कि कबीर मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा, तेरा तुझको सौंपते क्या लागे मेरा। पहाड़ से विशाल जिगर से कह दिया कि प्रभु, परमात्मा, वाहे गुरु सब कुछ आप जी की अमानत थी, जो मैं आपके जी को सौंप कर सुरखुद मुक्त हो गया हूं। उन्होंने वाणी से गुरु जी गाथा सुनकर संगत के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरा गुरुद्वारा परिसर गाथा सुनकर जो बोले सोनिहाल सत श्री अकाल के संबोधन के गूंज उठे।
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