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सरकारी स्कूलों का कराया जाएगा सेफ्टी ऑडिट, सुधारा जाएगा हाल
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:33 PM IST
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शामली। जिले की बेसिक शिक्षा व्यवस्था पर गौर करें तो यहां काफी परिषदीय स्कूलों में बच्चों के बैठने तक सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। यह मामला मामला संज्ञान में आने पर शासन ने परिषदीय स्कूलों के सेफ्टी ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद ऑडिट में जर्जर पाए गए स्कूल भवनों की ग्राम पंचायत निधि से मरम्मत कराई जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जनपद में 750 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। नगर क्षेत्र सहित पांचों ब्लाक में कुछ ऐसे विद्यालय भी हैं, जो जर्जर भवनों में संचालित हैं। इनके बारे में विभाग के अधिकारियों को भी पता है, लेकिन लापरवाही के कारण इस पर कोई ध्यान नहीं देता। शासन ने हादसे की आशंका को देखते हुए जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने फरमान जारी किया है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने परिषदीय स्कूलों के सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी को जारी शासनादेश में कहा गया है कि जिले के जर्जर भवनों का सेफ्टी ऑडिट कर उन्हें चिह्नित किया जाए। इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षाधिकारी की रहेगी। जर्जर भवनों की मरम्मत ग्राम पंचायत निधि या स्थानीय क्षेत्रों से की जाए। यदि कहीं मरम्मत कार्य ग्राम पंचायत से कराना संभव नहीं है तो उसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाए।
वर्जन
जर्जर भवनों के निर्माण को लेकर शासनादेश प्राप्त हुआ है। इसको लेकर जल्द ही परिषदीय स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट में मिले जर्जर भवनों की मरम्मत ग्राम पंचायत निधि से कराई जाएगी। पहले ही जर्जर भवन वाले प्रधानाध्यापकों को बच्चों को उस स्थान से दूर रखने के निर्देश भी दिए जा चुके है। - गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली
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बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जनपद में 750 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। नगर क्षेत्र सहित पांचों ब्लाक में कुछ ऐसे विद्यालय भी हैं, जो जर्जर भवनों में संचालित हैं। इनके बारे में विभाग के अधिकारियों को भी पता है, लेकिन लापरवाही के कारण इस पर कोई ध्यान नहीं देता। शासन ने हादसे की आशंका को देखते हुए जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने फरमान जारी किया है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने परिषदीय स्कूलों के सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी को जारी शासनादेश में कहा गया है कि जिले के जर्जर भवनों का सेफ्टी ऑडिट कर उन्हें चिह्नित किया जाए। इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षाधिकारी की रहेगी। जर्जर भवनों की मरम्मत ग्राम पंचायत निधि या स्थानीय क्षेत्रों से की जाए। यदि कहीं मरम्मत कार्य ग्राम पंचायत से कराना संभव नहीं है तो उसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाए।
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जर्जर भवनों के निर्माण को लेकर शासनादेश प्राप्त हुआ है। इसको लेकर जल्द ही परिषदीय स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट में मिले जर्जर भवनों की मरम्मत ग्राम पंचायत निधि से कराई जाएगी। पहले ही जर्जर भवन वाले प्रधानाध्यापकों को बच्चों को उस स्थान से दूर रखने के निर्देश भी दिए जा चुके है। - गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली
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