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भारतीय संस्कृति के अलावा कहीं नही है गुरु और शिष्य जैसा संबन्ध
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:52 AM IST
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प्रभु का गुणगान किया
थानाभवन। गुरु पूर्णिमा पर प्रेम विहार चौधरान पट्टी में आयोजित कार्यक्रम में राज राजेश्वर महाराज ने कहा कि जिस मानव को सदगुरु की कृपा मिलती है। उसका चंचल मन नियंत्रित होकर मानव सेवा, समाज सेवा, धर्म सेवा, सत्य की और अग्रसित हो जाता है। संसार चक्र के जन्म मृत्यु से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रभु का गुणगान किया।
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थानाभवन। गुरु पूर्णिमा पर प्रेम विहार चौधरान पट्टी में आयोजित कार्यक्रम में राज राजेश्वर महाराज ने कहा कि जिस मानव को सदगुरु की कृपा मिलती है। उसका चंचल मन नियंत्रित होकर मानव सेवा, समाज सेवा, धर्म सेवा, सत्य की और अग्रसित हो जाता है। संसार चक्र के जन्म मृत्यु से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रभु का गुणगान किया।